
CM Mohan Yadav:17वें ग्रेनेक्स इंडिया' कार्यक्रम का आज दूसरा दिन। (photo: patrika)
MP News: दलहन आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय मिशन पर उच्चस्तरीय सम्मेलन शनिवार को सीहोर में आयोजित होगा। यह कार्यक्रम सीएम डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होगा। जिसमें देशभर के नौ राज्यों के कृषि मंत्री, किसान, ईपीओ और बीज उत्पादक मौजूद रहेंगे। जो दालों में आत्मनिर्भर भारत, समृद्ध किसान और पोषित राष्ट्र पर मंथन करेंगे। इस दौरान खेतों में भ्रमण करने और किसानों से संवाद करने का कार्यक्रम भी रखा गया है। इस दौरान किसानी से जुड़ी कई अत्याधुनिक सुविधाओं का भी शुभारंभ किया जाएगा।
सम्मेलन में ओडिशा, पंजाब, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के कृषि मंत्री शामिल होंगे। इसका उद्देश्य देश में दालों का उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों की आय सुधारना है।
बता दें कि साल 2026 को प्रदेश की मोहन सरकार ने किसानों के कल्याण और आर्थिक समृद्धि का साल के रूप में मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद सीएम मोहन यादव लगातार किसानों को सौगात देने की तैयारी कर रही है। तीन दिवसीय '17वें ग्रेनेक्स इंडिया' एक्जीबिशन इसी का उदाहरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को दाल, अनाज की अति आधुनिक मशीनरी के 3 दिनी एक्जीबिशन '17वें ग्रेनेक्स इंडिया' का शुभारंभ किया। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शनी में सभी प्रकार की दाल, खाद्यान्नों एवं मसालों के प्रसंस्करण की नई और आधुनिक टेक्नोलॉजी की मशीनरी की प्रदर्शनी लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने दाल मिलर्स, व्यापारियों और मशीन निर्माताओं को संबोधित कर कहा, यह अनूठा आयोजन है, जो प्रशंसात्मक है। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने मंच से मुख्यमंत्री के सामने मंडी टैक्स पर छूट की बात रखी। इस पर सीएम बोले, हमने तुअर पर तो टैक्स हटा दिया है।
सीएम ने कहा कि आप कारखानों की संख्या बढ़ाओ, धीरे-धीरे सब होने वाला है। दूसरे दलहनों पर से भी टैक्स हट जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देशभर के उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित भी किया। प्रदर्शनी में देश-विदेश की करीब 200 कंपनियों द्वारा लाई गई मशीनों और तकनीकों का सीएम ने अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री तुलसी सिलावट भी उपस्थित थे।
आप उद्योग लगाएं, सरकार मदद करेगी तमाम उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आप मप्र में उद्योग लगाएं, हमारी सरकार जमीन, मशीनों से लेकर बिक्री तक में आपकी मदद करेगी। साथ ही श्रम आधारित उद्योगों को हम प्रति लैबर पांच हजार की मदद भी दे रहे हैं। सिर्फ किसानमजदूर नहीं, उद्योगपतियों की मदद भी सरकार करने को तैयार है। हुकुमचंद मिल का बकाया भी सरकार ने अपनी ओर से चुकाया है।
ग्रेन एक्सपो में चीन, ब्रिटेन, तुर्की, ताइवान और भारत की अलग-अलग कंपनियां मशीनें प्रदर्शित कर रही हैं। इनमें रोबोट, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग आधारित मशीनें शामिल हैं। दाल बनाने के साथ अनाज की पहचान और ग्रेडिंग करने वाली। मसाला मेकिंग से पैकिंग तक की मशीनें भी शामिल हैं। साथ ही आटा-मैदा प्लांट, पोहा मिल और अन्य तरह के फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए सभी मशीनें और तकनीक प्रदर्शित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, सोमनाथ से बनारस और उज्जैन तक मंदिरों को बचाने का काम देवी अहिल्या बाई ने किया। सुशासन, जनकल्याण और लोककल्याण की उस भावना से हम प्रेरणा ले रहे हैं। बजट को हम पांच वर्ष में दोगुना करेंगे। प्रदेश 15% की दर से आगे बढ़ेगा। घोषणा की, कि सरकार आगे दलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए उड़द व मसूर के किसानों को भी बोनस देगी।
Published on:
07 Feb 2026 09:35 am
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