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नवाबी दौर में ऐसे शुरू हुई थी रावण दहन की परम्परा, जानें इतिहास से लेकर आज तक सफर

पर क्या आपको पता है राजधानी भोपाल में रावण दहन का सबसे पहला आयोजन कहां और कैसे किया गया...? पढ़ें ये खबर...

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Dasara, Dussehra 2017, Dussehra 2017 Celebration, Dussehra Celebration, Muharram, Muharram in Bhopal

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भोपाल। नवाबी तहजीब और तमीज के शहर भोपाल में दशहरा उत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। शहर मे छोटे-बड़े सभी दशहरा मैदानों समेत करीब दो दर्जन स्थलों पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। वहीं कई कॉलोनियों में भी पुतला दहन किया जाएगा। पूरी सुरक्षा के बीच होने वाले इस आयोजन के बारे में तो आप जानते ही हैं पर क्या आपको पता है राजधानी भोपाल में रावण दहन का सबसे पहला आयोजन कहां और कैसे किया गया...? अगर नहीं तो आइए हम बताते हैं भोपाल में रावण दहन के इतिहास से लेकर आज तक के सफर की रोचक बातें...

ये हैं इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

* राजधानी भोपाल में नवाबी रियासतकाल से ही रावण दहन की परम्परा शुरू की गई थी।
* भोपाल के नवाब हमीदुल्लाह खां ने ***** उत्सव समिति को रावण दहन के लिए छोला क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में जगह दी थी।
* पहली बार नवाब हमीदुल्लाह खां के शासनकाल में ही शहर में रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला दहन छोला दशहरा मैदान में किया गया था।
* आपको जानकर हैरानी होगी कि आज शहर में रावण दहन से पहले भले ही रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का चल समारोह आयोजित नहीं किया जाता।
* लेकिन नवाबी दौर में इस चल समारोह की परम्परा थी।
* शुरुआ में छोटे स्तर पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का चल समारोह निकाला जाता था।
* यह समारोह पुराने शहर में घूमता हुआ सीधे छोला दशहरा मैदान पहुंचता था।
* जहां राम और रावण की लड़ाई में राम की जीत होती थी और रावण अहंकार की आग में जल जाता था।
* छोटे स्तर पर आयोजित इस दहन कार्यक्रम का स्वरूप धीरे-धीरे बढ़ता गया।
* आज चल समारोह भले ही नहीं निकलता, लेकिन शहर के कई स्थलों पर रावण दहन कार्यक्रम होता है।
* यही नहीं अब तो सबसे बड़े रावण की होड़ भी होती है। रामलीला का आयोजन किया जाता है।
* पुराने शहर से लेकर नए भोपाल की सीमाओं में चौक-चौराहों और यहां तक कि कॉलोनियों में भी छोटे-छोटे रावण के पुतलों का दहन कार्यक्रम किया जाता है।
* करीब दर्जन भर बड़े स्थलों में कोलार में अब तक सबसे बड़ा रावण दहन किया जाता रहा है। इस साल भी पत्रिका के सहयोग से यहां 105 फीट का शहर का सबसे बड़ा रावण दहन किया जाएगा।

कोलार में जलेगा सबसे बड़ा रावण, ड्रान से होगी इसकी निगरानी

कोलार स्थित बंजारी दशहरा मैदान में पत्रिका और हिन्दू उत्सव समिति की ओर से प्रदेश के सबसे ऊंचे 105 फीट के रावण का दहन किया जाएगा। आयोजन को लेकर दशहरा उत्सव की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।

कोलार हिन्दू उत्सव समिति के सचिव रविन्द्र यती ने मीडिया को बताया कि रावण दहन के साथ ही दशहरा महोत्सव में कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

मप्र, राजस्थान, महाराष्ट्र के लोक कलाकारों द्वारा लोकनृत्य प्रस्तुतियां और भोपाल नाट्य के प्रतिभागियों द्वारा आकर्षक कलात्मक नृत्य नाटिकाओं का मंचन किया जाएगा।

ड्रोन रखेगा नजर

ड्रोन कैमरे से सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी, साथ पुलिस प्रशासन, नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों द्वारा भी निगरानी की जाएगी। बैठक के लिए कार्यक्रम स्थल को चार भागों में बांटा गया है, जिसमें वीवीआईपी पासधारक, वीआईपी पासधारक, महिलाओं के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर पहली बार सराउंड साउण्ड की व्यवस्था की जा रही है। तीन बड़ी स्क्रीन की व्यवस्था रहेगी।

यहां भी होगा रावण दहन

* शहर भर में कई जगह रावण दहन किया जाएगा। इनमें कोलार के अलावा भेल का दशहरा मैदान, छोला क्षेत्र का दशहरा मैदान, टीटी नगर और अशोका नगर के दशहरा मैदान में दशहरा के बड़े आयोजन स्थल हैं। जबकि छोटे-बड़े सभी मिलाकर करीब दो दर्जन स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।