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भोपाल. आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार कलेक्टर गाइड लाइन के नाम पर हर साल दस प्रतिशत की दर से जमीन और रजिस्ट्री के दाम बढ़ा रही है, लेकिन जिन क्षेत्रों में जमीनें महंगी हो रही हैं, वहां न सड़क हैं और न पीने के लिए साफ पानी। वर्ष 2005 के मास्टर प्लान के ये वो प्लानिंग एरिया हैं, जहां डवलपमेंट नहीं पहुंचा है। तेजी से बढ़ती आबादी के लिए प्राइवेट बिल्डरों ने आवास तो बना लिए, लेकिन मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इस मामले में क्रेडाई ने नगरीय प्रशासन विभाग एवं टीएंडसीपी संचालनालय से प्लानिंग एरिया डवलप करने की मांग की है। क्रेडाई का कहना है कि चार वर्ष पूर्व ईज ऑफ डूइंग वर्कशॉप में सरकार के साथ कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा प्लानिंग एरिया की सड़कों का था, जो अब तक नहीं बन सकी हैं। के्रडाई की मांग है कि सरकार जिन जमीनों के दाम बढ़ा रही है, वहां कम से कम पहुंचने के रास्ते तो बना दिए जाएं।
होशंगाबाद से कटारा हिल्स रोड-
मास्टर प्लान की प्रस्तावित होशंगाबाद रोड से कटारा हिल्स तक 80 फीट रोड मुआवजे के लिए अटकी हुई है। सीपीए की इस 80 फीट रोड से अवधपुरी, साकेत नगर, बागसेवनिया, बागमुगलिया, कटारा हिल्स, बर्रई, लहारपुर की तरफ बसे रहवासी इलाकों तक सीधी एप्रोच रोड बननी है। आबादी अभी बागसवेनिया थाने के बगल से जाने वाले मार्ग का इस्तेमाल करती है, जो 7 किमी लंबा है। सीपीए की 80 फीट रोड बनने से ये दूरी 3 से 4 किमी में सिमट जाएगी।
कटारा हिल्स से बीएचईएल
कटारा हिल्स की ओर तैयार होने वाले प्रोजेक्ट सहित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक पहुंचने के लिए अभी बागसेवनिया थाने के बगल से गुजरने वाली सड़क ही है। यहां बड़ी आबादी निवास करती है, जिसे कोलार और बीएचईएल तक पहुंचने के लिए चौड़ी रोड की कमी का सामना करना पड़ता है।
कोलार 80 फीट रोड
शहर के प्रमुख उपनगर के रूप में उभर कर सामने आए कोलार क्षेत्र के लिए समानांतर मार्ग की जरूरत है। गणपति एनक्लेव के पास से कोलार तक 80 फीट रोड का निर्माण किया जा सकता है। इस पर बीएमसी में एक सदन की सहमति भी बन चुकी है। इससे कोलार की आबादी को मुख्य शहर की तरफ आने के लिए एक अतिरिक्त मार्ग मिल जाएगा।
कलियासोत से हबीबगंज फोरलेन रोड
कोलार को हबीबगंज से सीधे जोडऩे वाली कलियासोत-हबीबगंज फोरलेन रोड का निर्माण लचर रवैये के कारण गति नहीं पकड़ पा रहा है। यदि ये सड़क तैयार हो जाए तो कोलार को होशंगाबाद और बीएचईएल से सीधी कनेक्टिविटी मिल सकती है। इसके अलावा कोलार से हबीबगंज तक आने वाले मार्ग की दूरी भी घटकर आधी रह जाएगी।
मास्टर प्लान की सभी प्रस्तावित सड़कों का निर्माण सीपीए को करना है। मुआवजे और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इसमें कहीं कोई विवाद नहीं है, कई स्थानों पर काम जारी है।
एसके मुद्गल, संयुक्त संचालक, टीएनसीपी
Published on:
07 Mar 2019 03:03 am
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