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महज 23 साल की उम्र में सुधीर सक्सेना बने थे आइपीएस और अब तय किया मप्र के 31वें डीजीपी तक का सफर

-1987 बैच के आइपीएस सुधीर कुमार सक्सेना को केंद्र से हो चुकी है वापसी

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ips sudhir kumar saxena

महज 23 साल की उम्र में सुधीर सक्सेना बने थे आइपीएस और अब तय किया मप्र के 31वें डीजीपी तक का सफर

भोपाल. मप्र पुलिस के नए मुखिया सुधीर कुमार सक्सेना 23 साल की उम्र में आइपीएस बने थे। ग्वालियर निवासी सक्सेना ने प्रदेश और केंद्र सरकार में कई पदों पर काम करते हुए मप्र के 31वें डीजीपी तक का सफर तय किया है। 15 नवंबर 1964 को जन्मे सक्सेना वर्ष 1987 में आइपीएस बन गए थे। बता दें, राज्य सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने 1987 बैच के आइपीएस सुधीर कुमार सक्सेना की सेवाएं मप्र को सौंप दी थीं। सक्सेना दिल्ली में भारत सरकार के कैबिनेेट सचिवालय में वर्ष अगस्त 2021 से सेक्रेटरी (सुरक्षा) के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले दिसंबर 2020 से अगस्त 2021 तक उन्होंने स्पेशल डीजी सीआइएसएफ का दायित्व संभाला। जून 2018 से दिसंबर 2020 तक सक्सेना सीआइएसएफ में एडिशनल डीजी के पद पर रहे थे। जानकारी के मुताबिक सक्सेना शुक्रवार सुबह भोपाल आएंगे। हालांकि देर शाम तक डीजीपी पद पर नियुक्ति संबंधी आदेश जारी नहीं हुए थे। इधर, मौजूदा डीजीपी विवेक जौहरी के विदाई समारोह और नए डीजीपी की ज्वॉइनिंग के समय को लेकर पुलिस मुख्यालय में असमंजस की स्थिति रही। सूत्रों के मुताबिक नए डीजीपी को ज्वॉइन कराने के बाद मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में शुक्रवार शाम 4.30 बजे मौजूदा डीजीपी विवेक जौहरी का विदाई समारोह आयोजित होगा।

ग्वालियर से स्कूलिंग और इंजीनियरिंग
ग्वालियर निवासी आइपीएस सुधीर कुमार सक्सेना की स्कूली शिक्षा महाराजबाड़ा स्थित गोरखी स्कूल से हुई। उन्होंने माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से इंजीनियरिंग करने के बाद आआइटी दिल्ली से एमटेक किया। 1987 में इंडियन पुलिस सेवा ज्वॉइन करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में सितंबर 1989 से अप्रेल 1990 तक बतौर सीएमसपी रही।
बेटी मप्र कैडर की प्रशिक्षु आइपीएस
आइपीएस सुधीर सक्सेना की बेटी सोनाक्षी सक्सेना का चयन वर्ष 2019 में इंडियन पुलिस सर्विस के लिए हुआ था। उन्होंने भी मप्र कैडर चुना और वर्तमान में प्रशिक्षु अधिकारी हैं। बेटा कौस्तुभ सक्सेना आइआइटीएन है। सक्सेेना को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए वर्ष 2003 और 2012 में राष्ट्रपति पदक से भी सम्मानित किया जा चुका है।

छग-मप्र के चार जिलों की संभाली कमान
जबलपुर सीएसपी के बाद सक्सेना ने अगस्त 1990 से अगस्त 1991 तक श्योपुर एसडीओपी और इसके बाद जबलपुर में एडिशनल एसपी के रूप में सितंबर 1991 से फरवरी 1992 तक कार्य किया। छठवीं बटालियन में बतौर कमांडेंट मार्च 1992 से नवंबर 1992 तक तो तत्कालीन अभिभाजित मप्र और वर्तमान में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नवंबर 1992 से अप्रेल 1993 तक कार्य किया। इसके बाद अप्रेल 1993 से अगस्त 1994 तक छिंदवाड़ा, अगस्त 1994 से मई 1997 तक रतलाम, मई 1997 से जून 2000 जबलपुर पुलिस अधीक्षक और जून 2000 से जुलाई 2001 तक एसएसपी पुलिस मुख्यालय (रेडियो) रहे। सक्सेना ने पुलिस मुख्यालय में जुलाई 2001 से जून 2002 तक अजाक डीआइजी, जून 2002 से अगस्त 2002 तक डीआइजी सीआइडी और इसके अलावा पुलिस मुख्यालय में अगस्त 2009 से अगस्त 2011 तक आइजीपी का पद संभाला।
सात साल सीबीआइ में दी सेवाएं
आइपीएस सुधीर सक्सेना अगस्त 2002 से अगस्त 2009 तक सीबीआइ में डीआइजी के पद पर रहे। इसके अलावा अगस्त 2009 से अगस्त 2011 तक दिल्ली स्थित मप्र में आइजीपी के पद पर कार्य किया। इसके बाद अगस्त 2011 से अप्रेल 2012 तक पुलिस मुख्यालय में आइजीपी (इंटेलीजेंस) और अप्रेल 2012 से जून 2012 तक ओएसडी टू सीएम और एडीजी-ओएसडी टू सीएम रहे। सितंबर 2013 से दिसंबर 2014 तक सक्सेना के पास एडीजी (एडमिन) का अतिरिक्त चार्ज भी रहा। दिसंबर 2014 से मई 2016 तक एडीजी (एडमिन) के पद पर रहने के बाद केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर गए। यहां मई 2016 से जून 2018 तक गृह मंत्रालय में ज्वॉइंट डायरेक्टर, जून 2018 से दिसंबर 2020 तक सीआइएसएफ के एडिशनल डीजी और दिसंबर 2020 से अगस्त 2021 तक सीआइएसएफ में स्पेशल डीजी के पद पर काम किया। अगस्त 2021 से दो फरवरी 2022 तक केबिनेट सचिवालय नई दिल्ली में सेक्रेटरी (सुरक्षा) के पद पर कार्यरत रहे।