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देश में पहली बार मध्यप्रदेश में दूध टैंकरों पर लगेंगे डिजिटल ताले

पशुपालन मंत्री पटेल ने की को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के कार्यों की समीक्षा  

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कोरोना संकट से डेयरी के सामने आई चुनौतियों पर हुई चर्चा

भोपाल : दूध के टैंकरों में मिलावट को रोकने के लिये एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन दूध का संकलन करने वाले टैंकरों में डिजिटल लॉक और व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम लगायेगा। पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री प्रेम सिंह पटेल ने आज डेयरी फेडरेशन की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए बताया कि ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा। पटेल ने कहा कि लम्बे समय से दूध के टैंकरों में मिलावट की शिकायतें मिल रही थीं। इससे मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगेगा और दूध की गुणवत्ता बरकरार रहेगी। अपर मुख्य सचिव जे.एन. कंसोटिया, प्रबंध संचालक शमीमुद्दीन और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

मंत्री पटेल ने बताया कि अप्रैल-जून, 2021 में प्रदेश के दुग्ध संघों द्वारा 8 लाख 35 हजार 959 लीटर दूध संकलित किया गया। इनमें भोपाल दुग्ध संघ द्वारा 2 लाख 87 हजार 333, इंदौर दुग्ध संघ द्वारा 3 लाख 12 हजार 369, उज्जैन दुग्ध संघ एक लाख 37 हजार 122, ग्वालियर दुग्ध संघ 22 हजार 290, जबलपुर दुग्ध संघ 49 हजार 285 और बुंदेलखण्ड दुग्ध संघ द्वारा 27 हजार 560 लीटर दूध का संकलन किया गया। इस अवधि में दुग्ध संघों द्वारा 5 लाख 99 हजार 810 लीटर दूध का विक्रय किया गया, जिनमें सर्वाधिक विक्रय 2 लाख 82 हजार 299 भोपाल दुग्ध संघ द्वारा और 2 लाख 11 हजार लीटर इंदौर दुग्ध संघ द्वारा किया गया। विक्रय से बचा हुआ 2 लाख 36 हजार 149 लीटर दूध दूसरे राज्यों को भेजा गया।