
digvijay singh
भोपाल. भाजपा ने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को प्रत्याशी घोषित करने के बाद कांग्रेस ने भी रणनीति का रुख बदल लिया। जहां, कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने सिर्फ मुद्दे को अपना चुनावी एजेंडा बनाया वहीं, कांग्रेस ने दिग्विजय के पार्षद कार्यकाल से लेकर वर्तमान तक की एक लघु बायोग्राफी जनता के बीच पेश करने की तैयारी की जा रही है।
इसमें दिग्विजय के करियर को संक्षिप्त में परिभाषित किया जा रहा है। दिग्विजय ने कब व कैसे राजनीति शुरु की, बतौर पार्षद से लेकर मुख्यमंत्री रहते क्या-क्या काम किया है और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा। यह इसमें बताया जाएगा। इसके लिए सधी हुई सामग्री और सयंमित भाषा और इसके शीर्षक पर काम किया जा रहा है।
दिग्विजय के विजन डॉक्यूमेंट से पहले इसे रिलिज किया जाएगा। इधर, दिग्विजय ने खुद यह तय किया कि वे प्रज्ञा के बयानों पर ऐसी कोई प्रतिक्रिया नहीं देंगे जो किसी भी वर्ग को नाखुश करती हो। उन्होंने सभी नेताओं को भी समझाईश दी है कि बात सिर्फ मुद्दे की होगी, जनता के मुद्दे और विकास की बात की होगी।
हर नेता के काम पर दिग्गी की नजर
बैरसिया, सीहोर और भोपाल शहरी क्षेत्र में हर नेता को एक लक्ष्य दिया गया है। कितना भी बड़ा नेता हो दिग्विजय ने महज 6 ही बूथ का लक्ष्य दिया है। जिन पर सबसे अधिक मेहनत करने को कहा गया है। हिदायत दी गई हैं कि अन्य बूथ पर ध्यान नहीं देना है। वहीं, कार्यकर्ताओं को भी अपने-अपने क्षेत्र से बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है।
कौन नेता और कार्यकर्ता क्या कर रहा इसकी निगरानी खुद दिग्विजय सिंह ही कर रहे हैं। पार्टी के मंत्री व विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में अधिक से अधिक मतदान का लक्ष्य दिया गया हैं। दिग्विजय सिंह के मीडिया प्रभारी मानक अग्रवाल का कहना है कि विपक्षी प्रत्याशी द्वारा वोट का धु्रवीकरण करने का प्रयास किया जा सकता है, लेकिन हमें सिर्फ विकास, मुद्दे और भोपाल निर्माण पर फोकस रहना हैं।
यह मुद्दे तय किए
भोपाल में हॉकी स्टेडियम का मुद्दा दिग्विजय ने चुना है। वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार कैसे दिया जाए, बड़े तालाब के कैचमेंट एरिया में व्यवस्थित विकास को कैसे गति दी जाए, पुराने शहर में विकास कैसे किया जाए, सेटेलाइट टाउनशिप से पुराने शहर को कैसे जोड़ा जाए और पुरे शहर को नर्मदा पानी उपलब्ध कराने जैसे जन मुद्दों पर फोकस किया है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर विजन डॉक्यमेंट तैयार किया जा रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा का कहना है कि इस लोकसभा चुनाव में हमने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे कद्दावर नेता से चुनाव लडऩे की तैयारी की थी, लेकिन उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया है अब कमजोर प्रत्याशी के होते हुए भी हमारी तैयारी वैसी रहेगी, जैसी यदि शिवराज सामने होते।
Updated on:
19 Apr 2019 08:06 am
Published on:
19 Apr 2019 08:06 am
