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एक दिन के लिए मुकेश अंबानी से भी अमीर बन गए थे दिलीप सांघवी, पिछले साल ली एक रुपये सैलरी, एमपी में करेंगे अरबों का निवेश

पिता से दस हजार रुपये उधार लेकर दिलीप सांघवी ने की थी सन फॉर्मा की शुरुआत

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भोपाल/ मध्यप्रदेश में निवेशकों को लुभाने के लिए मैग्निफिसेंट एमपी का अगाज हो चुका है। देश के भर के कई बड़े उद्योगपतियों ने मैग्निफिसेंट एमपी को संबोधित किया है। जिसमें सबसे ज्यादा निगाहें लोगों को बड़े उद्योगपतियों पर टिकी थीं कि वे मध्यप्रदेश के लिए क्या घोषणा करते हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी ने वेबकास्ट से मैग्निफिसेंट एमपी को संबोधित किया तो सन फार्मा के दिलीप सांघवी ने इंदौर आकर प्रदेश में निवेश करने की बात कही हैं।


लेकिन आपको पता है कि एक समय में सना फॉर्मा के दिलीप सांघवी रिलांयस के मुखिया मुकेश अंबानी से भी अमीर बन गए थे। उस वक्त दिलीप सांघवी की संपत्ति मुकेश अंबानी से भी ज्यादा थी। दिलीप सांघवी कई वजहों से चर्चा में रहे हैं। लेकिन अभी बात मैग्निफिसेंट एमपी को लेकर कर लेते है। दिलीप सांघवी सन फार्मा के मालिक हैं। मध्यप्रदेश में पहले से ही उनका मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट काम कर रहा है। अब उन्होंने मैग्निफिसेंट एमपी के जरिए और निवेश का आश्वासन दिया है।

कुछ महीने के लिए बन गए थे मुकेश अंबानी से भी अमीर
दिलीप सांघवी ने 36 साल पहले सन फॉर्मा की शुरुआत की थी। इनकी कंपनी आज की तारीख में 50 देशों में काम करती है। साल 2015 में मार्केट वैल्यू के हिसाब से मुकेश अंबानी को पछाड़कर भारत के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे। साल 2016 में भी दिलीप सांघवी भारत के दूसरे अमीर व्यक्ति थे। वहीं, मैंग्निफिसेंट एमपी में आने से पहले एक इंटरव्यू के दौरान दिलीप सांघवी ने कहा था कि 2015 में मैं जब सबसे अमीर व्यक्ति बन गया तो अचानक से चर्चा में आ गया। उस वक्त मैं थोड़ा असहज महसूस करने लगा था। क्योंकि उस वक्त तक लोग मुझे कम ही जानते थे।


पिछले साल एक रुपये ली सैलरी
सना फॉर्मा के मालिक दिलीप सांघवी किसी न किसी वजह से उद्योग जगत में चर्चा में रहते हैं। उन्होंने पिछले कुछ सालों में कई कंपनियों का अधिग्रहण किया है। पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट में सन फॉर्मा के दिलीप सांघवी ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में सिर्फ एक रुपये की तनख्वाह ली। उन्होंने खुद की सैलरी में 99 फीसदी से अधिक की कटौती की। वह फॉर्मा इंडस्ट्री के इकलौते बिजनेसमैन हैं, जो सबसे कम सैलरी लेते हैं।

ऐसे शुरू की थी कंपनी
दिलीप सांघवी ने 5 प्रॉडक्ट के साथ 1983 में सन फॉर्मा की शुरुआत की थी। उन्होंने 10000 रुपये अपने पिता से उधार लेकर कंपनी की शुरुआत की थी। आज उनकी कंपनी कई लाख करोड़ की है। उसके बाद उन्होंने रैनबैक्सी और एक विदेशी कंपनी का भी अधिग्रहण किया। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जो लोग गलतियों से सीखते हैं वो जरूर सफल होते हैं।

एमपी में करेंगे निवेश
सन फॉर्मा अब तक मध्यप्रदेश में 500 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है। देवास में कंपनी का एक मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट है। इसके साथ ही मालनपुर में भी है। मैग्निफिसेंट एमपी के दौरान दिलीप सांघवी ने कहा कि इन दोनों जगहों पर मौजूदा सुविधाओं का विस्तार करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ यहां आकर बहुत खुश हूं। मैनपावर देश के बाकी हिस्सों की तुलना में काफी बेहतर है। वर्तमान सरकार की निवेशक अनुकूल नीति ने निवेश में मदद की है।