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गंदगी बर्दाश्त नहीं एक साल में 32 हजार शिकायतें

साफ-सफाई के प्रति ग्रामीणों में बढ़ी जागरुकता, रीवा और सागर सबसे आगे

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भोपाल. मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई के प्रति जागरुकता बढ़ी है। प्रदेश में दस हंजार गांवों से 32 हजार से अधिक शिकायतें साफ सफाई नहीं होने, कचरा नहीं उठाने को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के पास आई हैं।

यह शिकायतें स्वच्छता पोर्टल, सीएम हेल्प लाइन और लिखित में जिला पंचायत कार्यालयों में भेजी गई हैं। सबसे ज्यादा 10 हजार शिकायतें रीवा जिले से दर्ज कराई गई हैं। दूसरे नम्बर पर सागर और तीसरे नम्बर पर मुरैना जिला है।

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प्रदेश में आठ माह के अंदर 50 हजार से अधिक गांवों से करीब दो लाख बीस हजार शिकायतें आई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा शिकायतें गांवों में साफ सफाई, नलजल योजना का लाभ, शौचालय निर्माण, प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता खराब होने और खरीदी के बाद भुगतान नहीं करने को लेकर की गई हैं। विभाग ने इन शिकायतों में से 80 फीसदी शिकायतों का निराकरण भी कर दिया है।

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काम करने के बाद भुगतान नहीं
कार्यालयीन रख-रखाव, सामग्री खरीदी के बाद अधिकारी भुगतान नहीं करते हैं। इसे लेकर पिछले आठ माह में 15 हजार से अधिक साप्लायरों, करोबारियों ने शिकायतेंकी हैं। वहीं निर्माणकार्यों कोलेकर भी दसहजार से अधिक शिकायतें की गई हैं।

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नौ हजार से अधिक शिकायतें पैसे मांगने को लेकर
सरपंच और सचिव द्वारा काम कराने के नाम पर पैसे मांगने की भी शिकायतें भी आ रही हैं। इस तरह की एक हजार शिकायतें हर माह पोर्टल पर दर्ज कराई जाती हैं। ऐसी शिकायत करने वालों में कैलाश प्रजापति ने छिंदवाड़ा जिले के पंडडुर्ना ग्राम चिपनखापा और डिंडोरी जिले के कोकोमटा से मदन सहित करीब 9 हजार से अधिक लोग शामिल हैं। इन सभी ने पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कराई हैं।

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