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राजधानी में पहली बार दिव्य कला मेला, 19 राज्यों से शामिल होने आए 108 दिव्यांग कलाकार

- भोपाल हाट में शुरू हुआ दिव्य कला मेला - 19 राज्यों से 108 से अधिक दिव्यांग कारीगर/कलाकार और उद्यमी अपने उत्पादों और कौशल का प्रदर्शन करेंगे - सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित ये दिव्य कला मेला 21 मार्च तक चलेगा। - ये देश का तीसरा दिव्य कला मेला है। इससे पहले दिल्ली और मुंबई में आयोजित किया गया था।

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Divya Kala Mela

भोपाल. राजधानी के भोपाल हाट में तीसरे दिव्य कला मेला का रविवार से आग़ाज़ हुआ। मेला का शुभारंभ मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और राज्यमंत्री कुमारी प्रतिमा की गरिमामयी उपस्थिति में किया। इस 10 दिवसीय दिव्य कला मेला का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि दिव्यांगजन को उद्यमी और शिल्पकार के रूप में विकसित करने का यह एक बेहतर अवसर है। इस तरह के मेलों और प्रदर्शनियों में दिव्यांगजनों को स्टॉल नि:शुल्क आवंटित किये जाते हैं ताकि अपनी प्रतिभा को बड़े शहर और बड़े मंच में प्रदर्शित कर सके।

इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री माननीय प्रतिमा भौमिक ने कहा कि देश के संपूर्ण विकास में समाज के सभी वर्गों का योगदान आवश्यक है और हम सभी मिलजुल कर दिव्यांगजन और समाज के कमजोर तबके के विकास के लिए काम करते हुए देश को एक विकसित राष्ट्र की श्रेणी में ला सकते हैं।

स्पेशल नीड बच्चों के लिए कई स्व्यंसेवी संस्थाएं काम कर रही हैं। मेले में नागदा और खजुराहों के कई ऐसे बच्चों के प्रडोक्ट्स आएं हैं। खास बात ये है कि ये प्रोडक्ट्स एनवायरमेंट फ्रेंडली हैं। इसमें एक ऐसा पेन आया है जो पूरी तरह पेपर से बना है और इसे इस्तेमाल करने के बाद मिट्टी में लगाने से पौधा उग जाता है। वहीं ई-वेस्ट से भी कई डेली यूज प्रोडक्ट्स बनाएं हैं।