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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सख्त कदम उठाने और सख्त हिदायत देने के बाद भी मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल का हाल नहीं सुधर रहा। शनिवार को यहां जो कुछ भी हुआ वो सरकारी सिस्टम को शर्मसार करने के लिए काफी है। यहां एक मरीज ने इलाज नहीं मिलने के कारण सीएम हेल्पलाइन में डॉक्टर्स की शिकायत की थी। नतीजा ये हुआ कि डॉक्टर्स ने मिलकर मरीज के चाचा की धुनाई कर दी। आइए हम बताते हैं क्या है पूरा मामला...
विदिशा निवासी हेमंत रेकवार काम करते समय छत से गिर गया था। परिजन उन्हें विदिशा जिला अस्पताल ले गए, जहां से हमीदिया रैफर कर दिया। 26 दिसंबर को भर्ती करने के बाद जब हेमंत को उपचार नहीं मिला तो परिजनों ने वरिष्ठ चिकित्सकों व सीएम हेल्पलाइन में गुहार लगाई। यह बात जूनियर डॉक्टर को अखर गई।
हेमंत के परिजन दिलीप रेकवार ने बताया कि शुक्रवार रात वार्ड में जूनियर डॉक्टर नितेश ड्यूटी पर थे। उन्होंने दिलीप से वार्ड में भर्ती सभी मरीजों की फाइल लाने को कहा। दिलीप जब फाइल मांगने गए तो कुछ मरीजों ने इंकार कर दिया। जब दिलीप ने यह बात जूडा को बताई कि मरीज फाइल नहीं दे रहे आप खुद ले लो। इस पर जूडा ने दिलीप को पीट दिया। दिलीप ने विरोध किया तो अन्य जूडा ने मिलकर उसे वार्ड से धक्का देकर बाहर कर दिया।
दिलीप ने आरोप लगाया कि जूडा ने ऑपरेशन के लिए चार हजार रुपए मांगे थे। जूडा ने कहा था कि ऑपरेशन के लिए सामान नहीं है। दिलीप के मुताबिक इस बात की शिकायत उन्होंने वरिष्ठ चिकित्सकों से भी की थी। जूडा इसी बात से नाराज थे।
टाल रहे ऑपरेशन
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना था कि हेमंत का ऑपरेशन होना है और दो दिन बाद की तारीख दी थी। लेकिन भर्ती हुए अब 10 दिन होगए हैं लेकिन अब तक ऑपरेशन नहीं किया। जब भी ऑपरेशन की बात पर डॉक्टर हर रोज टाल रहे हैं।