
भोपाल। शहीद भवन में गुरुवार को नाटक वेश्या का मंचन किया गया। मुंशी प्रेमचंद्र द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन स्कंद मिश्रा ने किया। एक घंटे के इस नाटक में तीन कविताओं को लिया गया है। स्कंद ने बताया कि लगभग 6 साल पहले इस नाटक को पढ़ा था। वहीं इस प्ले को तैयार करने में मुझे एक साल का समय लगा। स्कंद ने बताया कि सेट पर पानी के पाइप से दीवार, दरवाजे और खिड़कियों को तैयार किया है, जिससे पुराने समय के घर की तरह नजर आए। नाटक दर्शकों के मन में कुछ सवाल छोड़कर जाता है, क्या एक वेश्या को मुख्य धारा में शामिल होने और किसी से प्रेम करने का अधिकार नहीं है।
माधुरी दया से प्रेम करने लगती है
नाटक में दिखाया कि लीला का पति सिंगार सिंह प्रतिदिन माधुरी नामक वेश्या के घर जाता है। इस पर लीला अपने पति के दोस्त दया कृष्ण से सिंगार को वापस लाने के लिए कहती है। वहीं जब दया सिंगार को लेने जाता है तो उसे भी माधुरी के घर जाना की आदत लग जाती है। माधुरी दया से प्रेम करने लगती है और दया भी उससे प्रेम का नाटक करना शुरू कर देता है। इधर सिंगार को दया से ईर्ष्या होने लगती है। माधुरी का व्यवहार भी सिंगार के प्रति रुखा हो जाता है। वहीं जब माधुरी को पता चलता है कि दया उससे प्रेम का नाटक कर रहा है, तो उसे गहरा आघात होता है और वो दया को एक पत्र छोड़कर चली जाती है। उस पत्र को पढ़ने के बाद दया को अपनी गलती का एहसास होता है, लेकिन तब तक देर हो चुकी होती है।
Published on:
08 Jun 2023 10:09 pm
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