
earthquake in iran
भोपाल। मध्यप्रदेश में पहले भी कई बार बड़े भूकंप आ चुके हैं। यदि मध्यप्रदेश में भूकंप आया तो इसके 28 जिलों में ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। गौरतलब है कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और कश्मीर में शुक्रवार को शाम को रिक्टर स्केल 6.3 का भूकंप महसूस किया गया। यह करीब डेढ़ मिनट तक महसूस किया गया।
क्या कहता है राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
मध्य प्रदेश भारतीय प्रायद्वीपीय कवच क्षेत्र का एक भाग है, जिसका करीब 33.1 भाग भारत के केन्द्रीय टेक्टानिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इसके 51 जिलों में से 28 जिले भूकंप संवेदी हैं और भारतीय मानक ब्यूरो ने इन्हें जोन III ( मध्यम स्तर का खतरा ) के अंतर्गत रखा है।
यह है 28 जिले
जोन-III सीधी, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, मंडला, सिवनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाडा, रायसेन, होशंगाबाद, बैतूल, सीहोर, हरदा, देवास, ख्रण्डवा, इन्दौर, खरगौन, धार, बडवानी, झाबुआ, बुरहानपुर, अनूपपुर, सिंगरौली, अलीराजपुर जिले शामिल हैं।
यहां सबसे ज्यादा खतरा
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार देश के कई हिस्सों को भूकंप के हिसाब से पांच जोन में बांटा गया है। इनमें जोन-1, जोन-2, जोन-3, जोन-4 तथा जोन-5 शामिल है। जोन-1 और जोन-2 को सबसे कम खतरे वाला माना गया है। जबकि सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन-5 है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमालयन क्षेत्र में भूगर्भीय गतिविधियों के कारण भूंकप आते हैं। जोन 04 और 05 के इलाकों में भूकंपीय गतिविधियों के केंद्र भी हो सकते हैं।
बड़वानी में आ चुके हैं कई झटके
अगस्त माह में मध्यप्रदेश के बड़वानी क्षेत्र में आ रहे भूकंप के झटके के बाद कई लोग दहशत में आ गए थे। यहां जोरदार धमाके के साथ झटके महसूस हो रहे थे। इसकी जांच कराई गई। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने कहा था कि गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध के कारण मध्यप्रदेश में यह भूकंप के झटके आ रहे हैं।
अगस्त में भूकंप के झटके आने के बाद बाला बच्चन ने पांच जिलों का दौरा किया था। उन्होंने कहा था कि गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध को 134 मीटर तक भरने का ही असर है कि मध्यप्रदेश में भूगर्भीय हलचल हो रही है।
Updated on:
20 Dec 2019 06:20 pm
Published on:
20 Dec 2019 06:05 pm
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