
भोपाल. मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा के लिए चुनाव आयोग आज ताऱीखों की घोषणा कर सकता है। जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग दोपहर 3 बजे बाद तारीखों का ऐलान कर सकता है। मध्यप्रदेश में 15 सालों से भाजपा की सरकार है। चुनाव आयोग की घोषणा के बाद से प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में सरकार की किसी भी तरह की घोषणा करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। वहीं, केन्द्र सरकार भी चुनावी राज्यों के लिए किसी तरह की घोषणा नहीं कर सकती है। घोषणा करने से पहले उसे भी चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने आचार संहिता लगने से पहले ही मध्यप्रदेश के लिए बड़ी सौगात दी हैं।
इंदौर-भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केन्द्र सरकार ने प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात दी थी। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने भोपाल-इंदौर मेट्रो परियोजना की मंजूरी दी। परियोजना को पूरा करने के लिए चार साल का लक्ष्य़ रखा गया। इस परियोजना की कुल लागत 14, 441 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। कैबिनेट में मंजूर हुए प्रस्ताव के मुताबिक भोपाल में 27.87 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल रूट पर 6 हजार 941 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि इंदौर रेल मेट्रो पर 7 हजार पांच सौ करोड़ की लागत आएगी। मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए बीस फीसदी राशि केंद्र और बीस फीसदी राशि राज्य सरकार खर्च करेगी। जबकि साठ फीसदी राशि लोन के जरिए जुटाया जाएगा।
रबी फ़सलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि: केंद्र सरकार ने बुधवार को ही रबी फ़सलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने गेंहूं सहित रबी की छह फ़सलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 21 फ़ीसदी तक बढ़ाया है। गेंहू में एमएसपी में 6.05 फ़ीसदी का इज़ाफा करते हुए 1840 प्रति क्विंटल कर दिया है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आय में 62,635 करोड़ की अतिरिक्त वृद्धि होगी। जानकारों को कहना है कि सरकार की इस घोषणा से भाजपा को तत्कालिक लाभ तो बहुत ज्यादा नहीं मिलेगा लेकिन मंदसौस कांड के बाद नाराज किसानों के लिए बड़ी राहत मिल सकती है।
शिवराज ने भी पूरा किया वादा: प्रदेश में आचार संहिता लगने से पहले ही शिवराज सरकार ने एक बड़ी घोषणा को पूरा किय़ा। टीकमगढ़ जिले की तहसील रही निवाड़ी को मध्य प्रदेश का 52वां जिला घोषित कर दिया गया है। १ अक्टूबर से यह जिला आस्तित्व में भई आ गया है। पांच सालों से इसे जिला बनाने कीमांग की जा रही थी।
शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया: मध्यप्रदेश में चुनाव से पहले नाराज वर्ग को मनाने क लिए शिवराज सरकारने बड़ा दांव खेलते हुए अतिथि शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि की। जानकारों का मनाना है कि इस फैसले के बाद से प्रदेश के नाराज शिक्षक वर्ग को सरकार ने लुभाने का काम किया है भाजपा के लिए फायमंद हो सकते हैं।
Published on:
06 Oct 2018 12:16 pm

बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
