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पर्यावरण सुरक्षा का ध्यान रखते हुए इको फ्रेन्डली बना इज्तिमा स्थल

आयोजन स्थल को साफ- सुथरा रखने के लिए हर साल की तरह इस साल भी इज्तिमा स्थल पर पॉलीथिन ले जाने और धूम्रपान पर प्रतिबंध

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Eco Friendly Ijtema 2017

भोपाल। इज्तिमा आयोजन में पर्यावरण सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया है। इसे इको फ्रेन्डली बनाते हुए यहां पॉलीथिन और प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही धूम्रपान पर भी रोक लगाई गई है। इंतेजामिया कमेटी ने यहां के दुकानदारों को भी सख्त हिदायत दी है।

ताजुल मसाजिद में 2002 में आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आखिरी आयोजन हुआ। उस दौरान यहां की स्थिति को अपने चित्रों के जरिए दिखाया गया है। इज्तिमा के आखिरी आयोजन को राजधानी के आर्टिस्ट फैशन मतीन ने रंगों के माध्यम से उकेरा। यह पेटिंग राजधानी में कुछ प्रमुख स्थानों पर लगी हुई है।

व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के लिए प्रशासन ने संभाला मोर्चा

आयोजन स्थल को साफ- सुथरा रखने के लिए हर साल की तरह इस साल भी इज्तिमा स्थल पर पॉलीथिन ले जाने और धूम्रपान पर प्रतिबंध रहेगा। स्थल पर ही व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित करने लगभग 15 हजार वॉलेंटियर तैनात रहेंगे। कमेटी ने स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखा है।

श्रद्धालुओं के लिए करीब 5000 शौचालय और नहाने के लिए बाथरूम, वजु के लिए नल लगाए हैं। लगभग 500 वॉलेंटियर सफाई व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने में मदद करें। यहां हर तीन घंटे में फिनाइल से सफाई की जाएगी।

अस्पताल, ट्रांसफार्मर की व्यवस्था

इज्तिमा स्थल पर अस्थाई अस्पताल की व्यवस्था भी रहेगी। जहां तीन दिन 24 घंटे डाक्टर्स और मेडिकल स्टाफ रहेगा। दवाईयों की व्यवस्था अस्पताल में की गई है। इसके साथ ही ट्रैफिक से लेकर लोगों को जरुरी सूचनाएं पहंचाने के लिए जिला प्रशासन विद्युत के लिए एक दर्जन अलग- अलग ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की गई। इज्तिमा स्थल पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से रखने के लिए पुलिस की 50 कंपनियों के अलावा करीब तीन हजार स्वैच्छिक कार्यकर्ता काम करेंगे। श्रद्घालुओं को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि से लाने-ले जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था भी रहेगी। हर साल की तरह इस साल भी ट्रैफिक व्यवस्था की कमान स्वंय सेवकों के हाथों में होगी। जलसे में धर्मगुरुओं की तकरीर सुनने के लिए आयोजन स्थल पर 500 माइक सेट लगाए गए हैं।

5 काउंटर पर हुआ रिजर्वेशन
यहां पर आने वाले लोगों के लिए रेलवे द्वारा पांच रिजर्वेशन काउंटर बनाए जाएंगे। जहां सुबह 8 से रात्रि 8 बजे तक आरक्षण की सुविधा रहेगी। इसके अलावा रेलवे विशेष ट्रेनों के साथ ही हबीबगंज पर कुछ सुपरफास्ट ट्रेनों के अस्थाई स्टॉपेज दिए जाएंगे। इज्तिमा स्थल पर टेलीफोन संचार, पुलिस, ट्रैफिक, क्रेन आदि की भी व्यवस्था की जाएगी।

10 हजार लोग कर सकेंगे वजु

इज्तिमा स्थल पर नमाज के लिए वजु (चेहरा व हाथ-पैर धोना) हेतु 10 हजार नल लगाए गए हैं। यहां एक बार में 10 हजार लोग वजु कर सकेंगे। इज्तिमा में शुरूआती दो दिनों में करीब 4 लाख जमाती इज्तिमा स्थल पर मौजूद रहेंगे। अंतिम दिन सामूहिक दुआ में करीब 8 लाख लोग शामिल होंगे।

‘जज्बे और जुनून से मिलती है कामयाबी’

‘ईंटखेड़ी में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के आलमी तब्लीगी इज्तिमा की सफलता में उन हजारों कार्यकर्ताओं का हाथ है जो इस आयोजन में तन-मन-धन से सहयोग कर रहे हैं। इनमें राजधानी, प्रदेश से लेकर दूसरे राज्यों के लोग शामिल हैं।

खासकर धार्मिक जलसे को शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाने में मुस्लिम वर्ग, प्रशासन और जनप्रतिनिधि शिद्दत से जुटे हुए हैं।’ ये कहना है कि इज्तिमा इंतजामिया कमेटी के प्रवक्ता अतीक उल इस्लाम का। पत्रिका से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि कमेटी के सामने हर साल लोगों की बढ़ रही संख्या के मद्देनजर सुविधाएं मुहैया करवाने की चुनौती रहती है, लेकिन सभी के सहयोग से इसे बखूबी पूरा किया जाता है। जिससे पूरे विश्व में भोपाल की पहचान बनी हुई है।

छह महीने पहले ही बनी थी कार्ययोजना

इंतजामिया कमेटी के प्रवक्ता के मुताबिक इज्तिमा में आने वाले लोगों को पर्याप्त सुविधाएं मिल सकें और उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए छह महीने पहले कार्ययोजना तैयार की जाती है। प्रत्येक वॉलेंटियर को जिम्मेदारी सौंपी जाती है। पहले से ही वॉलेन्टियर काम में जुट जाते हैं।

चुनौतियों को आसान कर रहे हजारों हाथ

इज्तिमा की व्यवस्थाओं को संचालित करने के लिए कई परेशानियां भी सामने आती हैं, पर समाज के हजारों हाथ साथ होते हैं, जिससे आयोजन को सफल बनाया जाता है। शुुरुआत में जहां 200 से 300 वॉलेंटियर मदद करने आए थे, वहीं अब ये तादाद चालीस हजार तक पहुंच गई है।

राष्ट्रीय एकता की मिसाल : इज्तिमा का आयोजन सदभाव और शांतिपूर्ण तरीके से होता है। इंतजामिया कमेटी में कोई भी पदाधिकारी नहीं है। पूरा आयोजन मुस्लिम समाज के लोगों के सहयोग से होताहै। इसे सफल बनाने में जिला प्रशासन समेत राजधानी और प्रदेश के हर हिंदू भाई का भी प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग मिलता है। ये आयोजन राष्ट्रीय एकता की मिसाल है।

- अतीक उल इस्लाम, प्रवक्ता, इज्तिमा, इंतजामिया कमेटी

सडक़ किनारे नहीं लगी दुकानें

इज्तिमा स्थल तक आवाजाही में किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए प्रशासन ने सडक़ किनारे अस्थायी दुकानें नहीं लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि ईंटखेड़ी तक सडक़ मार्ग में अस्थायी दुकानें लग जाने के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। इज्तिमा में बड़ी संख्या में इस मार्ग से लोगों की आवाजाही रहती है। इसके अलावा इज्तिमा स्थल तक पहुंचने वाले अतिक्रमण को चिह्नित किया गया है।

पुलिस बल एवं वॉलेन्टियर्स को ताकीद किया गया है कि किसी भी स्थिति में ट्रैफिक जाम न हो ताकि इज्तिमा स्थल तक आवाजाही सुगम बनी रहे। हालांकि शहर के विभिन्न एंट्री पॉइन्ट पर भी इज्तिमा में शामिल होने के लिए आने वाले लोगों के लिए खास व्यवस्था की गई है, यहां से इज्तिमा स्थल तक पहुंचाने के लिए वाहन उपलब्ध रहेंगे।

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