
मध्यप्रदेश चुनाव परिणाम 2018: बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर
भोपाल। मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। 28 नवंबर, 2018 को मध्य प्रदेश में चुनाव एक ही चरण में आयोजित किए गए थे।
इसके बाद आज यानि मंगलवार 11 दिसंबर को काउंटिंग हुई, जिसमें दोनों मुख्य दलों के बीच कांटे की टक्कर देखी गई। इस सब के बीच अब तक आए रिजल्ट्स व रुझानों के अनुसार किसी भी पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनती नहीं दिख रही है।
ऐसे में राजनीति के जानकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर के बाद अब छोटे दल और स्वतंत्र उम्मीदवार राज्य में अगली सरकार बनाने वाले निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
ये रही खास बातें...
: भाजपा के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हालिया वोट गिनती के अनुसार बुद्धनी विधानसभा सीट में 123492 मत मिले, जबकि कांग्रेस के उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अरुण यादव को 64493 मतों से संतोष करना पड़ा है।
: वहीं सूत्रों का कहना हे कि कांग्रेस ने छोटे पार्टियों के नेताओं और एक साधारण बहुमत के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
: राज्य में बीएसपी दो स्थानों पर आगे है जबकि सपा भी एक निर्वाचन क्षेत्र आगे बनी हुई है।
: सीटों के लिहाज से अब तक सामने आए रुझानों के अनुसार कांग्रेस मध्यप्रदेश में बड़ा दल बनता दिख रहा है।
: ग्वालियर में 7 में से 5 सीटों पर कांग्रेस आगे दिख रही है।
: जबकि इंदौर में 9 में से 6 सीटों में कांग्रेस आगे बढ़ी, जिसे बीजेपी गढ़ माना जाता था।
: भाजपा का वोट शेयर 2013 से कम हुआ है।
: प्रदेश में कांग्रेस उत्तरी और दक्षिणी अच्छी ताकत के साथ उभरी है, वहीं भाजपा पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्रों में मजबूत बनी हुई है।
: रात 9.30 बजे तक आए रुझानों में भाजपा 109 सीटों पर व कांग्रेस 114 में आगे दिख रही है।
: वहीं प्रदेश में कुल 230 सीटों पर पूर्ण बहुमत के लिए 116 सीटों की आवश्यकता है।
: जानकारों की मानें तो यह आंकड़ा तकरीबन साफ हो जाने के बावजूद प्रदेश की सत्ता अभी भी कांग्रेस के हाथों से दूर है।
: मध्यप्रदेश में, नोटा ने अब तक 528452 वोट प्राप्त किए हैं, जो लगभग 1.4 प्रतिशत वोटों में है।
राजनीति के जानकार डीके शर्मा के अनुसार जैसा दिख रहा हे कि निर्दलीय उम्मीदवार और अन्य दल मध्य प्रदेश में तकरीबन 7 सीटों पर आगे बढ़ रहे हैं और अब वे राज्य में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शर्मा के अनुसार कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में सत्ता के लिए लड़ाई बहुत करीबी है, बीजेपी अब 109 सीटों पर आगे बढ़ रही है ,जबकि कांग्रेस 114 सीटों पर आगे बढ़ रही है। वहीं 116 में राज्य में बहुमत प्राप्त हो जाएगा।
2013 के चुनाव में, कांग्रेस पार्टी राज्य में केवल 58 सीटें जीत सकती थी, इसके बाद भाजपा के शिवराज सिंह चौहान लगातार तीसरे बार मुख्यमंत्री चुने गए थे।
वहीं जानकारों का यह भी मानना है कि इस बार भी कांग्रेस ने जिन मुद्दों को मुख्य रूप से सामने लाया उसमें उसे कोई खास सफलता मिलती नहीं दिखी। मंदसौर में किसानों पर गोली कांड का मामला कांग्रेस द्वारा लगातार सामने लाए जाने के बावजूद कांग्रेस मंदसौर में ही पीछे रह गई।
जानकारों की माने तो भाजपा को सबसे ज्यादा नुकसान 'माई का लाल' वाले बयान और एट्रोसिटी एक्ट ने पहुंचाया है। वहीं उनके कइर् मंत्रियों को भी इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ रहा है। जिनमें जयभान सिंह पवैया, रुस्तम सिंह शामिल हैं।
Published on:
11 Dec 2018 10:29 pm
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