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Automobile: इलेक्ट्रिक व्हीकल का क्रेज बढ़ा, कंपनियां देंगी ’10 लाख’ से ज्यादा नौकरी

MP News: बदलते ट्रेंड को देखते हुए मैनिट जैसे प्रमुख संस्थानों ने भी कोर्सेस में नवाचार किया है...

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(सोर्स: सोशल मीडिया)

(सोर्स: सोशल मीडिया)

MP News: बदलते दौर और तकनीकी ट्रेंड ने इंजीनियरिंग शिक्षा की दिशा ही बदल दी है। अब छात्र परंपरागत ब्रांच की बजाय भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल और एनर्जी आधारित कोर्सेस की तरफ तेजी से रुझान दिखा रहे हैं। भोपाल के इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, बैटरी टेक्नोलॉजी और रि-जनरेटिव एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।

राजधानी के प्रमुख कॉलेजों और यूनिवर्सिटी के अनुसार, शहर के छात्रों को नेशनल और मल्टीनेशनल कंपनियों से इंटर्नशिप ऑफर मिले हैं। इनमें ऑटोमोबाइल, ई-व्हीकल निर्माण, चार्जिंग स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर और बैटरी तकनीक से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं।

100 छात्रों का हुआ था चयन

बदलते ट्रेंड को देखते हुए मैनिट जैसे प्रमुख संस्थानों ने भी कोर्सेस में नवाचार किया है। मैनिट भारत का पहला संस्थान है जिसने बीटेक इन एनर्जी एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल इंजीनियरिंग और एमएससी इन एनर्जी इकोनॉमिक्स जैसे कोर्स शुरू किए हैं। संस्थान के एनर्जी सेंटर प्रमुख डॉ. अरविंद मित्तल के अनुसार, ये कोर्स अगली पीढ़ी के टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को तैयार करने में मदद करेंगे, जो क्लीन एनर्जी और ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में नवाचार को गति देंगे।

वहीं ट्रिपल आईटी से प्लेसमेंट अधिकारी अजय श्रीवास्तव ने बताया कि ई-वीकल का चलन बढ़ाने से बीटेक के छात्रों के लिए नौकर की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई है। इस समय करीब 34 छात्र विभिन्न कंपनियों में इंट्रेंशिप कर रहे हैं। वहीं पिछले साल 100 छात्र का चयन कंपनियों ने किया था।

स्टाइपेंड भी बढ़ा

गत वर्ष जहां छात्रों को इंटर्नशिप के लिए 30 से 35 हजार रुपए तक स्टाइपेंड मिल रहा था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 30 से 1 लाख तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों की मानें तो इस सेक्टर में अगले कुछ वर्षों में 10 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे।