2 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तेज रफ्तार लग्जरी कार चालक ने देर रात 3 बजे इंजीनियरिंग छात्रों को मारी टक्कर, एक की मौत

रात दोनों छात्र नादरा बस स्टैंड से खाना खाकर लौट रहे थे , रॉन्ग साइड में हुआ हादसा

2 min read
Google source verification
news

तेज रफ्तार लग्जरी कार चालक ने देर रात 3 बजे इंजीनियरिंग छात्रों को मारी टक्कर, एक की मौत

भोपाल. दिल्ली के नंबर वाली एक तेज रफ्तार लग्जरी कार के चालक ने बाइक सवार दो छात्रों को टक्कर मार दी। हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा छात्र घायल हो गया। उसके पैरों में फ्रेक्चर आए हैं, वह निजी हॉस्पिटल में भर्ती है।

घटना बीजेपी विधायक विश्वास सारंग के बंगले के सामने हुई। दोनों छात्र देर रात तीन बजे नादरा बस स्टैंड से खाना खाकर कमरे की तरफ लौट रहे थे। हादसा रॉन्ग साइड में हुआ। घटना के बाद चालक कार को मौके पर ही छोडकऱ फरार हो गया। यह घटना टीटी नगर थाना क्षेत्र की है।

थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि 24 वर्षीय प्रखर शिवहरे मूलत: नौगांव छतरपुर निवासी था। उसके साथ नौगांव का ही दोस्त आशुतोष पस्तोर रहता है। दोनों निजी कॉलेज में इंजीनियरिंग के छात्र हैं। प्रखर फाइनल और आशुतोष तृतीय वर्ष का छात्र है।

प्रखर के पिता छतरपुर में ही टेंट कारोबारी हैं, जबकि आशुतोष के पिता किसान हैं। प्रखर गौतम नगर में किराए से रह रहा था। घायल छात्र आशुतोष ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि शुक्रवार रात प्रखर और आशुतोष नादरा बस स्टैंड पर खाना खाने गए थे।

टक्कर लगते ही कांच फोडकऱ कार पर गिरा

जैसे ही वह लिंक रोड नंबर एक पर बीजेपी विधायक विश्वास सारंग के बंगले के सामने पहुंचे, तभी रांग साइड से आए एक तेज रफ्तार लग्जरी कार क्रमांक (डीएल-1-सीजे-3748) के चालक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। घटना के बाद कार चालक कार को वहीं बीच सडक़ पर छोडकऱ फरार हो गया।

बाइक आशुतोष की है, उसे प्रखर चला रहा था, जबकि वह पीछे बैठा था। हादसा इतना जबरदस्त हुआ कि प्रखर सीधे कार के बोनट पर जा गिरा। कार का अगला कांच फूट गया था और आशुतोष उछलकर दूर सडक़ पर जा गिरा। फिलहाल पुलिस ने कार नंबर के आधार पर चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और तेजी व लापरवाही से कार चलाने का प्रकरण दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

परीक्षा के समय परिवार के सदस्य होते थे साथ

घायल आशुतोष अरेरा कॉलोनी में किराए से रहता था। प्रखर ने उसे फोन करके बुलाया था। ‘पत्रिका’ की पड़ताल में सामने आया कि आशुतोष के साथ सात साल से परीक्षा के समय परिवार के कोई न कोई सदस्य रहते आए हैं। अधिकांशत: आशुतोष के पिता सुरेश पस्तोर आ जाते थे। लेकिन इस बार वे नहीं आ पाए।

तीन दिन पहले ही आशुतोष का बड़े भाई अभिषेक जो बेंगलुरु में नौकरी करते है, दो दिन रुक कर गए। अभिषेक के जाने के बाद आशुतोष के दादा आरएस पस्तोर शनिवार सुबह ही भोपाल पहुंचे थे। दादा रिटायर्ड प्राचार्य हैं। जब वह शनिवार को भोपाल पहुंचे तो उन्होंने आशुतोष को फोन किया, लेकिन बात नहीं हो पाई।

फिर से फोन करने के बाद एक पुलिसकर्मी ने फोन रिसीव कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद आशुतोष के परिवार के अन्य सदस्य यहां पहुंचे। घायल आशुतोष का पैर तीन जगह फ्रेक्चर है। अभी आशुतोष का इलाज भोपाल फ्रेक्चर अस्पताल में चल रहा है।