
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के समस्त शासकीय कार्यालयों की ऊर्जा खपत में कम से कम 10 प्रतिशत की बचत की जाये। ऊर्जा मंत्री तोमर ने आग्रह किया है कि कार्यालय में जरूरत न होने पर उपकरण को मेन स्विच से ऑफ करें। कार्यालय से जाते समय समस्त विद्युत उपकरणों को स्विच ऑफ करें।
कार्यालयों में गुणवत्तायुक्त एल.ई.डी. बल्ब का उपयोग करें, जो सामान्य बल्ब की अपेक्षा विद्युत की बचत करते हैं एवं अधिक समय तक खराब भी नहीं होते हैं। कम्प्यूटर की स्क्रीन सेवर की जगह ब्लेंक (Blank) पर सेटिंग करें, इससे विद्युत की बचत होगी। एयर कंडीशनर (ए.सी.) की सेटिंग आदर्श तापमान पर करें एवं यदि आवश्यक न हो तो एयर कंडीशनर का उपयोग न करें। विद्युत की बचत के लिए कम्प्यूटर मॉनिटर, प्रिंटर, कॉपियर की स्लीप मोड में सेटिंग करें। कार्यालय के पंखे में इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर का उपयोग करें। यथा-संभव टास्क लाईट का इस्तेमाल करें, न कि पूरे कमरे की लाईट जलाएँ।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने शासकीय कार्यालयों में ऊर्जा का अपव्यय न होना भी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की है। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपने आवासों में भी ऊर्जा की कम से कम 10 प्रतिशत बचत करने को कहा है। श्री तोमर ने कहा कि दस प्रतिशत विद्युत बचत की अपेक्षा न्यूनतम है, इसे और अधिक बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।
उप महाप्रबंधक निलंबित, तीन अधिकारियों की एक वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि ‘‘समाधान योजना’’ के बिल घर-घर जाकर वितरित कराये जायें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवाएँ पारदर्शी के साथ प्रभावी होनी चाहिए। नये कनेक्शन, औपचारिकता पूरी होने पर 7 दिवस के अंदर हर हाल में मिल जाना चाहिए। ऐसे मीटर रीडर जो मीटर रीडिंग में त्रुटि करते हैं, जिनके कारण उपभोक्ता को गलत बिल मिलने से कंपनी की छवि प्रभावित होती है, उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। प्रबंध संचालक मिश्रा ने यह बात समीक्षा बैठक में ग्वालियर एवं भोपाल रीजन के महाप्रबंधकों से कही।
समीक्षा बैठक में पुनरीक्षित बिलों के प्रकरण में जाँच के दौरान उप महाप्रबंधक अरूण शर्मा को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर निलंबित कर दिया गया है। उप महाप्रबंधक राहुल साहू, प्रबंधक सी.पी. शर्मा और गौतम कुमार की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिये गए। महाप्रबंधक शहर वृत्त ग्वालियर के विरूद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक मिश्रा ने कहा कि राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए माह के शुरू से ही बकायादार उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की प्रभावी कार्यवाही की जाए। जो उपभोक्ता समय पर बिल का भुगतान नहीं करते हैं, उनके कनेक्शन अस्थायी रूप से काटे जाएँ। दो माह का मौका देने के बाद भी उपभोक्ता देयक जमा नहीं करते हैं, तो उनके कनेक्शन को स्थायी रूप से काटने एवं वसूली के लिए कुर्की की कार्यवाही की जाए एवं बकाया राशि वसूली जाए।
प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध संसाधनों में ही बेहतर परिणाम देने के लिए कंपनी के अधिकारियों को अपना मानस बना लेना चाहिए। बिजली बिल उपभोक्ताओं को जारी होने से पूर्व चेक कर लिए जाएँ, जिससे त्रुटिपूर्ण बिल उपभोक्ता तक न पहुँचे।
Published on:
07 Dec 2021 09:01 pm

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