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अब खूब खाएं आलू-टमाटर, टैक्स से दूर होंगी ये सब्जियां

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव बीपी सिंह के स्तर पर भी इस पर प्रारंभिक सहमति बन गई है। प्रदेश में बार-बार प्याज और टमाटर की कीमतें बेहद यादा और कम हो जाती है। 

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Juhi Mishra

Dec 23, 2016

Tax

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भोपाल। कीमतों की मार से बार-बार बेहाल हो चुके आलू, टमाटर और प्याज के लिए सरकार जल्द नई नीति लाएगी। इसके लिए इनके सहित अन्य सब्जियों को वैट, एंट्री और मंडी टैक्स से छूट दी जाएगी। इसके अलावा उद्योगों को मिलने वाली दूसरी छूटें भी इन्हें मिलेंगी।

आगामी कैबिनेट में इसका प्रस्ताव रखा जा सकता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव बीपी सिंह के स्तर पर भी इस पर प्रारंभिक सहमति बन गई है। प्रदेश में बार-बार प्याज और टमाटर की कीमतें बेहद ज्यादा और कम हो जाती है। इस बार इसकी चपेट में आलू भी आ गया है। इसलिए सरकार इसके पीछे के कारणों को जानने में लगी है।

सूत्रों के मुताबिक इसे लेकर फूड इंड्रस्टीज ने अनेक दिक्कतें बताई है। इस कारण सरकार अब पूरी फूड इंड्रस्टी को नई सौगातें देने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे चलकर इनके किसानों को नुकसान नहीं हो। इसमें मुख्य रूप से आलू, प्याज और टमाटर के किसानों को घाटे और कीमतों की मार से बचाने की कोशिश है। इसके तहत सबसे पहले इन्हें दूसरे उद्योगों के समान वैट, एंट्री और मंडी टैक्स से छूट दी जाएगी।

पूरी पॉलिसी होगी रिफार्म-
फूड इंस्ड्रटी की पॉलिसी को रिफार्म करके उसे हर वह छूट दी जाएगी, जो दूसरे उद्योगों को मिल रही है। इसके तहत उद्योग नीति 2014 के तहत मिलने वाली सारी छूट शामिल है। इसी में जमीन आवंटन का नियम भी शामिल है। यानी सरकार दूसरे उद्योगों के समान रियायती दरों पर जमीन भी उपलब्ध कराएगी।

मंत्री का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
आलू पर गहराए संकट के पहले ही उद्यानिकी मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा ने इसे लेकर पत्र लिखा था, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। मीणा ने पत्र में आलू की बिगड़ती स्थिति से आगाह करते हुए वैकल्पिक इंतजामों के लिए लिखा था।
बावजूद इसके आलू के संकट पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे बाद में आलू की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके तहत हजारों क्विंटल आलू सड़कों पर भी फेंका गया।

प्याज-टमाटर भी बेहाल
प्याज की गिरी कीमतों के कारण सरकार ने इसे किसानों से छह रुपए प्रति किलो में खरीदा था, लेकिन उसे बेच नहीं सकी। मुफ्ट बांटना चाहा तो उस पर होने वाले खर्च ने कदम ठिठका दिए। एेसे ही टमाटर की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है।
इससे किसान टमाटर को सड़कों पर फेंकने लगा है।

0 फूड इंड्रस्टी को भी दूसरी इंड्रस्टी के समान छूट देने पर विचार चल रहा है। अभी इस बारे में कोई निर्णय नहीं हुआ है, सरकार किसानों के हित में निर्णय करेगी।
राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव, कृषि विभाग, मप्र

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