
तीन साल बाद भी कोलार रोड को चौड़ी करने की नहीं हुई कवायद
भोपाल. कोलार रोड चौड़ीकरण के तीन साल पुराने सरकारी वादे का जमीन पर कोई असर नजर नहीं आ रहा। कोलार रोड सिक्सलेन प्रोजेक्ट की डीपीआर तक नहीं बनाई जा सकी। पीडब्ल्यूडी की इस रोड को लेकर कई एजेंसियों को काम करने को कहा, लेकिन कोई भी काम करने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में शासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो कोलारवासी मौजूदा फोरलेन सड़क पर ट्रैफिक में उलझकर आगे बढऩे को मजबूर होते रहेंगे। अभी बैरागढ़ चिचली से सर्वधर्म तक आठ जगह पर रोजाना ट्रैफिक जाम के हालात बनते हैं।
गौरतलब है कि कोलार रोड 19 मीटर चौड़ी है। इसे 45 मीटर किया जाना है। फि लहाल यहां हर रोज कई बार ट्रैफि क जाम होता है। करीब तीन लाख की आबादी को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए 2016 में तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिक्सलेन की घोषणा की थी। इसके लिए 200 करोड़ रुपए की राशि देने की बात भी कही थी। एमपीआरडीसी को इसकी डीपीआर का कहा गया था। उसने डीपीआर भी तैयार की, लेकिन इसके बाद कुछ भी आगे नहीं बढ़ा। प्रोजेक्ट मार्च 2019 में शुरू होना था, लेकिन अब एमपीआरडीसी व पीडब्ल्यूडी इस मामले में एक दूसरे पर मामला डाल रहे हैं।
अभी करना होगा इंतजार
दरअसल कोलार की बड़ी समस्याओं में से मुख्य है मेन रोड पर दिनभर लगने वाला ट्रैफि क जाम। निर्माण एजेंसियां इस तरफ से लगातार लापरवाह बन रही हैं। ऐसे में लोगों को समस्या से जल्द निजात की उम्मीद भी नहीं है। डीपीआर के बावजूद जब तक निर्माण एजेंसी तय नहीं होगी और वह ठेका एजेंसी तय करने के लिए कवायद नहीं करेगी कुछ नहीं होगा।
पीक ऑवर्स में यहां रोजाना लगता है जाम
कोलार रोड पर सुबह 9 बजे से 11 और शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक आठ स्थानों पर बार-बार जाम लगता है। चूनाभट्टी चौराहा, सर्वधर्म पुल, मंदाकिनी चौराहा, बीमाकुंज, सीआई हाइट्स, ललिता नगर और गेहूंखेड़ा की नहर पर दिन में कई बार जाम के हालात बनते हैं। पीक ऑवर्स में चूनाभट्टी से गेहूंखेड़ा नहर तक छह किलोमीटर का रास्ता तय करने में 20 मिनट तक का समय लग जाता है।
Published on:
09 Jan 2020 09:13 pm
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