
भोपाल. मप्र उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित जश्न-ए-उर्दू" के अंतिम दिन गजल, गायन, चारबैत, गुफ़्तगू और अखिल मुशायरे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहले सत्र में ओपन माइक के अंतर्गत युवाओं ने अपनी प्रस्तुति दी दूसरे सत्र में गजल गायन के अंतर्गत भोपाल के गजल गायक आदित्य सिंह गौर ने बेहतरीन गजलें पेश कीं। उन्होंने शेरी भोपाली की गजल उनसे हमें कुछ काम नहीं है, दिल को मगर आराम नहीं है..., जफर इकबाल की गजल कितने बदल गए हैं वो हालात की तरह...सुनाई।
हिंद मुशायरा व चर्चा
हिंद मुशायरा में फहमी बदायूंनी ने सुनाया, खुशी से कांप रही थीं ये उंगलियां इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में..., मदन मोहन मिश्रा ने सुनाया दिल को कैसे करार आता है, ये लिखा ही नहीं किताबों में...। इसके अलावा आलोक श्रीवास्तव, मुकेश आलम, अजहर इकबाल, शाहनवाज असीमी. अमृतांशु शर्मा ने भी अपने कलाम पढ़े।साहित्य एवं मीडिया का सह संबंध विषय पर वक्तव्य हुआ जिसमें डॉ. विकास दवे ने कहा कि निश्चित तौर पर उर्दू पत्रकारिता ने जो विकास यात्रा की है, जितना विकास आज हमको दिखाई देता है वह बहुत संघर्ष के साथ किया है। इन दिनों च
Published on:
20 Jan 2023 09:15 pm
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