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आवासीय क्षेत्रों को 5 से अधिक भागों में बांटकर जैसा चाहो वैसा निर्माण की छूट

मास्टर प्लान 2031: ड्रफ्ट में नियम से अधिक निर्माण वाले क्षेत्रों को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं

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आवासीय क्षेत्रों को 5 से अधिक भागों में बांटकर जैसा चाहो वैसा निर्माण की छूट

आवासीय क्षेत्रों को 5 से अधिक भागों में बांटकर जैसा चाहो वैसा निर्माण की छूट

देवेन्द्र शर्मा. भोपाल. तालाब, वन में आवासीय-व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने वाला मास्टर प्लान 2031 के ड्राफ्ट में शहर की सबसे बड़ी समस्या नियम से अधिक निर्माण वाले क्षेत्रों को लेकर भी कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। प्लॉट साइज का सवा गुना निर्माण का आधार तय किया, पर शहर के 60 फीसदी हिस्से में चार गुना तक निर्माण हो गए। अब इस अतिरिक्त निर्माण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम के साथ पार्किंग, पार्क, मैदान जैसी बुनियादी सुविधाएं कैसे मिलेंगी? स्थिति यह है कि प्लान के ड्राफ्ट में आवासीय क्षेत्रों को पांच से अधिक भागों में बांटकर जैसा चाहो वैसा निर्माण करने की छूट दे दी गई। पूरे शहर में मनमर्जी से किए पुराने निर्माण वैध किए ही जा रहे हैं, नए निर्माण भी मनमर्जी से तय कर दिए। ऐसे में इस प्लान से शहर के सुनियोजित की बजाय अनियोजित विकास की आशंका है। गौरतलब है कि बड़ा तालाब के कैचमेंट से इसके किनारे, जलभराव क्षेत्र के अंदर तक सड़क व अन्य निर्माण से इसे बर्बाद करने की योजना तय है तो चंदनपुरा, मेंडोरा, मेंडोरी व अन्य संबंधित वन क्षेत्रों में निर्माण की राह खुल रही है।

ऐसे समझें आवासीय क्षेत्र, कैसे हर तरह के निर्माण को हरी झंडी
सामान्य आवासीय आरजी 1- मिक्स्ड लैंडयूज तय। 2005 में तय आवासीय क्षेत्र इसमें शामिल। इसमें हुए निर्माण यथावत रहेंगे। प्लॉट साइज का दोगुना निर्माण हो सकेगा।
सामान्य आवासीय आरजी 2- इसमें भी मिक्स्ड लैंडयूज तय। ये मुख्यतौर पर पुराने भवन व अधोसंरचना यानी पुराने शहर से जुड़ा है। 2005 में प्रस्तावित आवासीय में मान्य। मौजूदा भवन यथावत रहेंगे। यहां हॉस्टल, शो-रूम, शॉपिग मॉल, रेस्टोरेंट, कोचिंग, फिटनेस सेंटर, क्लिनिक, नर्सिंगहोम, सिनेमा, गैरेज, थोक बाजार के साथ स्कूल कॉलेज, स्विमिंग पुल, बस डिपो तक बन सकेगा।
शर्त सिर्फ ये कि सड़क 12 मीटर या इससे अधिक चौड़ी हो। दोगुना निर्माण कर सकेंगे।
सामान्य आवासीय आरजी 3- ये भी मिक्स्ड लैंडयूज तय। मौजूदा स्वरूप यथावत रखना। अरेरा कॉलोनी, चार इमली, श्यामला हिल्स, विजय नगर व नरसिंहगढ़ रोड, गांधी नगर, लिंक रोड नंबर तीन से कलियासोत नहर कोलार मार्ग तक इसमें मौजूदा निर्माण रहेंगे। यहां भी हॉस्टल, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, व सभी प्रकार के निर्माण को मंजूरी। प्लॉट साइज का सवा गुना निर्माण किया जा सकता है।
सामान्य आवासीय आरजी 4- प्लान 2031 में तय आवासीय क्षेत्र, इसमें भी मिक्स्ड लैंडयूज। दोगुने निर्माण की अनुमति रहेगी। यहां भी हॉस्टल, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, व सभी प्रकार के निर्माण को मंजूरी।
सामान्य आवासीय आरजी 5- इसे लो-डेंसिटी क्षेत्र बताया। बड़ा तालाब कैचमेंट से लेकर कोलार से जुड़े मार्ग, शहर किनारे के वनक्षेत्र को शामिल किया है। यहां प्लॉट साइज का पौन गुना निर्माण अनुमति से हॉस्टल, नर्सिंगहोम, स्विमिंग पुल, सिनेमा, होटल, रिसोर्ट, स्कूल कॉलेज तक खोल सकेंगे। 1000 वर्गमीटर के प्लॉट पर अनुमति मिल जाएगी।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए एफएआर को लेकर बदलाव की जरूरत है। एफएआर कंज्यूम कर लिया है, इंफ्रास्ट्रक्चर उसके मुताबिक नहीं है, इसे देखना चाहिए।
राजेश चौरसिया, प्लानर
निर्माण के मामले में इस प्लान में कुछ नहीं है। जिसे जहां जो निर्माण करना है कर लें। जो लोग अतिरिक्त या हर तरह का निर्माण करना चाहते हैं उनके लिए तो ठीक है, लेकिन इससे क्षेत्र का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है।
शैलेंद्र बागरे, आर्किटेक्ट

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