25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अब 10 साल में एक्सपायर हो जाएगा आपका मोबाइल ! लैपटॉप, फ्रिज और वाशिंग मशीन की एक्सपायरी डेट तय

भोपाल। कार और अन्य चार पहिया वाहनों की तरह अब आपके मोबाइल, लैपटॉप, फ्रिज और वाशिंग मशीन की एक्सपायरी डेट तय हो गई है। निर्धारित तिथि के बाद केंद्र सरकार इसे ई-वेस्ट मानते हुए नष्ट करने के लिए कहेगी।

2 min read
Google source verification
gugufj_1.jpg

Ministry of Environment

केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय ने करीब 134 इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों को तय सीमा के बाद कबाड़ मानने का निर्देश जारी कर दिया है। औसत आयु के बाद इनका निस्तारण करवाकर सर्टिफिकेट लेना होगा। नए उपकरण की खरीदी पर कार की ही तरह छूट मिलेगी।

ई-वेस्ट इसलिए खतरनाक

ई-वेस्ट में मर्करी, आर्सेनिक, लेड, कैडमियम, सैलेनियम, हेक्सावैलेंट क्रोमियम और फ्लेग रिडार्डेंट्स होते हैं, जो सांस, फेफड़ों का कैंसर और त्वचा संबंधी बीमारियों की वजह बनते हैं। भोपाल में सालाना 712 टन ई-वेस्ट निकलता है। सबसे ज्यादा ई-वेस्ट कम्प्यूटर और एसी से निकलता है।

एक्सपायरी डेट के बाद क्या होगा

आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट बीत जाने के बाद ई-वेस्ट के निस्तारण की जिम्मेदारी ब्रांड उत्पादकों की होगी। वही इसे समुचित तरीके से नष्ट करेंगे। इसके बाद ही उन्हें पुराने के बदले नया प्रोडक्ट लांच करने की अनुमति होगी।

यह है नियम

-1 अप्रेल 2023 से ई-वेस्ट निपटाने का नया कानून लागू है। जो ई-वेस्ट पैदा करेगा, वही नष्ट करेगा। यदि किसी कंपनी ने वाशिंग मशीन बनाई है तो 10 साल बाद जितनी वाशिंग मशीन पहले बनाई थी, उसके 60% हिस्से को नष्ट करने का प्रमाण पत्र देने के बाद ही उसे फिर से उत्पादन की अनुमति मिलेगी। जिम्मेदारी न उठाने वालों पर जुर्माना और जेल दोनों होगा।

-ई-वेस्ट की खरीदी या निपटान में नगर निगम की कोई भूमिका नहीं है। पूरा काम पीसीबी ही देखता है। ई-वेस्ट क्लीनिक शुरू हुआ था, लेकिन फिलहाल बंद है। पीसीबी अभी निजी एजेंसियों से इसके लिए काम करवा रहा है।

क्या करेंगी कंपनियां

ई-वेस्ट के नए नियम के बाद अब कंपनियां ऐसे उत्पाद बनाएगी, जिनकी उम्र ज्यादा न हो। इस तरह के फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीनों में ऐसा सामान इस्तेमाल होगा, जो निर्धारित अवधि के बाद इस्तेमाल के लायक नहीं बचेगा। ऐसे में ग्राहकों को मजूबरी में उन्हें ई-वेस्ट मानकर बेचना ही होगा।

विनीत तिवारी, अपर आयुक्त स्वास्थ्य

कारों के लिए यह नियम

निजी वाहनों को 15 साल बाद फिटनेस टेस्ट से गुजरना होता है। यदि यह परीक्षण में सफल है तो पंजीकरण पांच साल के लिए नवीनीकृत होता है। यदि नहीं तो वाहन नष्ट करने का निर्देश है।

किस उपकरण की कब एक्सपायरी

फ्रिज-10 साल
सीलिंग फैन-10 साल
वाशिंग मशीन -09 साल
रेडियो सेट-08 साल
स्मार्टफोन/ लैपटॉप-05 साल
आईफैड/टैबलेट-05
स्कैनर-05 साल
इलेक्ट्रिक ट्रेन और रेसिंग कार( खिलौना)-02 साल

देश का पहला ई-कचरा क्लिनिक भोपाल में

कम्प्यूटर, मॉनिटर, माउस, कीबोर्ड, मोबाइल, लैपटॉप, कंडेनसर, माइक्रो चिप्स, टेलीविजन, वाशिंग मशीन आदि से निकले ई-वेस्ट को नष्ट करने व प्रसंस्करण के लिए देश का पहला ई-कचरा क्लिनिक एमपी नगर जोन-2 में स्थापित है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और भोपाल नगर निगम संयुक्त रूप से इसका संचालन करते हैं।