
भोपाल। चीता स्टेट मध्यप्रदेश से सोमवार को बुरी खबर आई है। पीएम मोदी ने 17 सितंबर 2022 को जिन चीतों को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था, उनमें से एक मादा चीता की मौत हो गई है। यह वही मादा चीता साशा है जो गर्भवती बताई जा रही थी।
यह भी पढ़ेंः
मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों में से मादा चीता साशा की सोमवार को मौत हो गई। पांच साल की मादा चीता साशा की मौत सोमवार सुबह 8.30 बजे के करीब हुई। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव जेएन कंसोटिया ने मीडिया को बताया कि मादा चीता सुबह मृत अवस्था में मिली है, लेकिन उसकी मौत कब हुई है यह फिलहाल नहीं कहा जा सकता। भोपाल से फारेस्ट और वेटनरी डाक्टरों की टीम कूनो पहुंच गई है।
बताया जाता है कि यह मादा चीता पहले जत्थे में आए आठ चीतों में शामिल थी, जिसे पार्क में छोड़ा गया था। इसके बाद फरवरी में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों का दूसरा जत्था भारत आया था। इनमें 12 चीदों में 7 नर और 5 मादा चीता थीं। कुछ दिन पहले चीता के बीमार होने की खबर मिलने के बाद से ही भोपाल से आई डाक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही थी। बीमार होने के कारण साशा को छोटे बाड़े में शिफ्ट कर दिया था।
कूनो नेशनल पार्क में 23 जनवरी को जब साशा बीमार हो गई थी, तब भोपाल से वेटरनरी चिकित्सकों की एक टीम कूनो गई थी, जहां उनकी निगरानी में इलाज चल रहा था। डाक्टरों ने उस समय किडनी में इंफेक्शन होना बताया था। तभी से भोपाल के वन विहार के विशेषज्ञों की टीम उपचार कर रही थी। उसकी हालत में सुधार भी हुआ था।
एक नजर
चीता छोटी-सी छलांग मारकर 120KM प्रति घंटे की रफ्तार में दौड़ सकता है।
इसी स्पीड से 460 मीटर तक लगातार दौड़ सकता है।
3 सेकंड में ही 103 की रफ्तार पकड़ लेता है। चीता शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द चित्रकायः से हुई है।
यह भी पढ़ेंः एमपी गजब है: घड़ियाल और गिद्ध स्टेट भी बनेगा मध्यप्रदेश, देश में सबसे ज्यादा है इनकी संख्या
Updated on:
27 Mar 2023 06:59 pm
Published on:
27 Mar 2023 06:46 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
