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भारी भरकम और लीकेज की झंझट होगी खत्म, अब मिलेंगे फाइबर के कंपोजिट गैस सिलेंडर

Gas cylinders गैस के परंपरागत भारी भरकम स्टील सिलेंडर से अब मुक्ति मिल गई है। एमपी में अब फाइबर-रेनफोर्सड कंपोजिट सिलेंडर का उपयोग होगा।

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फोटो सोर्स: पत्रिका

फोटो सोर्स: पत्रिका

गैस के परंपरागत भारी भरकम स्टील सिलेंडर से अब मुक्ति मिल गई है। एमपी में घरेलू की तरह अब होटल, दुकान, रेस्त्रां में भी फाइबर-रेनफोर्सड कंपोजिट सिलेंडर का उपयोग होगा। ऑयल एजेंसियों ने इसकी शुरुआत कर दी है। इससे
सिलेंडर के फटने, लीकेज होने की दिक्कतों से भी निजात मिल जाएगी। गैस उपयोग के दौरान दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

पारंपरिक स्टील सिलेंडरों की तुलना में फाइबर-रेनफोर्सड कंपोजिट सिलेंडर हल्के होते हैं और इनमें टूटने-फूटने का खतरा कम होता है। ये कंपोजिट सिलेंडर अधिक प्रेशर को झेल सकते हैं और इन्हें ले जाना भी आसान होता है।

भोपाल में घरेलू गैस के छह लाख से अधिक उपभोक्ता है। यहां प्रतिमाह करीब डेढ़ लाख व्यवसायिक गैस सिलेंडर की खपत होती है। शहर में एलपीजी की 45 से अधिक एजेंसियां है और इन्हीं के माध्यम से हर घर एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित होती है।

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बता दें कि भोपाल में एलपीजी सिलेंडरों के कारण हाल के कुछ वर्षों में दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है। इनमें लीकेज और सिलेंडर फटने जैसी घटनाएं शामिल हैं।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग नियंत्रक मीना मालाकार के मुताबिक नई तकनीक के सिलेंडर्स से दुर्घटनाएं घटेंगी। अभी एलपीजी का अवैध उपयोग करनेवालों पर लगातार कार्रवाई इसलिए ही कर रहे हैं कि इससे कहीं कोई बड़ी दुर्घटना की स्थिति न बन जाए।