
भोपाल. रिटायर्ड आईएएस और उनकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में 20 साल बाद FIR दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश लोकायुक्त ने ये FIR दर्ज की है। बता दें कि रमेश थेटे ने पत्नी मंदा थेटे के नाम पर 68 अलग अलग बैंकों से लोन लिया था और साल 2012-13 में इस लोन को अल्प अवधि में वापस जमा कर दिया था। जांच में तत्कालीन आय के परिप्रेक्ष्य में अनुपातहीन संपत्ति होना पाया गया है और इसी के आधार पर रमेश थेटे व उनकी पत्नी मंदा थेटे के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पत्नी के नाम पर लिया था 68 लाख का लोन
जानकारी के मुताबिक आईएएस रमेश थेटे जबलपुर में वर्ष 2001-2002 के बीच नगर निगम आयुक्त के पद पर पदस्थ रहे। इसके बाद वे संचालक रोजगार व प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ रहे। इस अवधि में रमेश थेटे द्वारा अपनी पत्नी मंदा थेटे के नाम से जबलपुर के विभिन्न बैंकों से करीब 68 लाख रूपये का लोन प्राप्त किया था। जिसे उन्होंने वर्ष 2012-2013 के दौरान अल्प अवधि में वापस जमा कर दिया। बता दें कि वर्तमान में रमेश थेटे महाराष्ट्र के नागपुर में रहते हैं और जांच के लिए लोकायुक्त नागपुर जाएगी।
रिटायर होने से पहले लगाए थे गंभीर आरोप
बता दें रमेश थेटे का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2020 में रिटायर्ड होने से ठीक एक हफ्ते पहले उन्होंने सीएम शिवराज को चिट्ठी लिखकर गंभीर आरोप लगाए थे। चिट्ठी में उन्होंने लिखा था कि IAS होने के बाद भी उन्हें कलेक्टर नहीं बनाया गया और ये सब उनके दलित और सच्चे अंबेडकरवादी होने के कारण हुआ। उन्होंने स्वाभिमानी अंबेडकरवादी होने की कीमत चुकाई है। ऑफिस की टेबल पर बाबा साहब अंबेडकर की बड़ी तस्वीर रखना और समाज के दबे-कुचले लोगों के लिए निडर होकर काम करने के कारण कई जातिगत संगठन उनके विरोधी हो गए और उनके खिलाफ तरह-तरह के षड्यंत्र रचे। उन पर 25 केस ठोक दिए गए।
देखें वीडियो- नेताजी की मंच पर पिटाई
Published on:
08 Feb 2023 07:24 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
