
वल्लभ भवन की तीसरी मंजिल पर शनिवार को सुबह आग लग गई।
भोपाल के वल्लभ भवन में शनिवार को सुबह आग लग गई। देखते ही देखते आग पांचवी मंजिल तक पहुंच गई। इस आग की चपेट में वल्लभ भवन के 45 कमरों में रखा रिकार्ड जलकर खाक हो गया। सूचना मिलने पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड सहित भोपाल एयरपोर्ट, सेना सहित आसपास के जिलों से भी फायर फाइटर वाहन बुलाने पड़े। आग इतनी भीषण थी कि 10 किलोमीटर दूर से नजर आ रही थी। नर्मदापुरम रोड स्थित सावरकर सेतू से भी नजर आ रही थी। गौरतलब है कि इससे पहले वल्लभ भवन के सामने स्थित सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई थी।
वल्लभ भवन में मध्यप्रदेश का मंत्रालय है। यहां कई विभागों के दफ्तर हैं और सचिवालय भी है। वल्लभ की तीसरी मंजिल पर सुबह आग लग गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। आग बढ़ने लगी तो भोपाल नगर निगम के अलावा भोपाल एयरपोर्ट, सेना, औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, रायसेन और सीहोर जिले की भी फायर ब्रिगेड बुला ली गई। खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। आग इतनी भयानक है कि 10 किलोमीटर दूर से भी काला धुंआ उठता नजर आ रहा था।
यह आग इतनी बढ़ गई है कि भोपाल नगर निगम, भोपाल एयरपोर्ट, मंडीदीप इंडस्ट्रियल एरिया, रायसेन, सीहोर, विदिशा, औबेदुल्लागंज से दर्जनों फायर फाइटर वाहन बुलाए गए हैं। शनिवार को सरकारी अवकाश का दिन है, लेकिन मुख्य सचिव ने कई विभागों के सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्राउंड जीरो पर मौजूद पत्रिका रिपोर्टर को मिली जानकारी के मुताबिक वल्लभ भवन में मुख्यमंत्री सचिवालय की गोपनीय शाखा जलकर खाक हो गई है। जबकि पूरे वल्लभ भवन के 45 कमरे आग की चपेट में आ गए। वल्लभ भवन की पुरानी बिल्डिंग में लगी आग पिछले हिस्से तक पहुंच गई है। जिसे बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश के सीएम डा. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने वल्लभ भवन में भीषण आग की जांच कराने के निर्देश दे दिए हैं। यादव ने मीडिया को बताया कि मुख्य सचिव को मानीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई महत्वपूर्ण दस्तावेज न जलें। आग पर काबू पाने के साथ ही घटना के कारणों की जानकारी प्राप्त की जाए। यादव ने कहा कि कलेक्टर ने बताया है कि आग पर काबू पा लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसका भी ध्यान रखा जाए।
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इस बीच वल्लभ भवन के सामने उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार पहुंच गए। वे वल्लभ भवन के भीतर जाने की जिद करने लगे तो प्रशासन ने उन्हें भीतर जाने से मना कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के दोनों ही नेता अपने समर्थकों के साथ वल्लभ भवन के सामने धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर कई संगीन आरोप लगाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार का आरोप है कि इस तरह आग की घटनाओं से भाजपा 18 साल के भ्रष्टाचार की फाइलों को जला रही है। इससे आम जनता नुकसान हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि यह सब डॉक्टर मोहन यादव और शिवराज सिंह चौहान की नूरा कुश्ती का नतीजा है।
इससे पहले पिछले साल 12 जून 2023 को वल्लभ भवन के ठीक सामने सतपुड़ा भवन में भीषण आग लग गई थी। इस में आदि जाति कल्याण विभाग का क्षेत्रीय कार्यालय पूरी तरह से जल गया था। इसकी चपेट में अन्य विभाग भी आ गए थे। यह आग 6वीं मंजिल पर लगी थी।आग को काबू पाने में 20 दमकलें लगी थी। यह आग कई घंटों तक जारी थी। दूसरे दिन भी इसे काबू करने के प्रयास किए गए थे।
Updated on:
09 Mar 2024 01:42 pm
Published on:
09 Mar 2024 10:47 am
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