
भोपाल। भारत भवन में युवा-8 समारोह में मालवी, बघेली और निमाड़ी गीतों की प्रस्तुति का आयोजन किया गया। सुबह के सत्र में सलोनी गीते और साथी कलाकारों ने निमाड़ी लोक गायन की प्रस्तुति दी, वहीं शाम के सत्र में शिवांगी पांडे और साथी कलाकारों ने बघेली लोक गायन तथा सुरभि जैन और साथी कलाकारों ने मालवी लोक गायन की प्रस्तुति दी। समारोह की अंतिम प्रस्तुति विनोद पुरोहित और साथी कलाकारों ने बुंदेली लोक गायन पेश किया।सलोनी ने कार्यक्रम की शुरुआत नर्मदा गीत निर्मल निर्मल पानी नर्मदा महारानी... से की। इसके बाद उन्होंने झूला गीत झूलो तो कुल कुल कुंज बांध्यों रे झुलावे राधिका गोरी..., बरसात पर आधारित गीत खेत में छाई बहार कृसाण भाई..., की प्रस्तुति से किसानों के लिए बरसात के महत्व को उजागर किया। वहीं अगली प्रस्तुति रक्षाबंधन गीत की रही जिसमें भाई म्हारा गाड़ी लाई ना तब आवजो... को प्रस्तुत किया।
सावन पर आधारित गीत पेश किया
भारत भवन की संध्या बेला में शिवांगी ने देवी गीत झूला झूले मोरे अंगना माई झूला झूले... भोले बाबा को प्रसन्न करते हुए दूल्हा बने शंभू महाराज..... की प्रस्तुति दी। अगली प्रस्तुति में कजरी व बघेलखंड का पारंपरिक गीत हिंडोली की प्रस्तुति दी।हिंडोली, मुख्य रुप से सावन के मौसम में वर्षा ऋतु में गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं, अगली कड़ी में उन्होंने समना भदोना घिरी अंधियारी... शब्दों से सजी रिमझिम फुहारों से सजी प्रस्तुति दी। गीतों से सजी इस कड़ी में सुरभि जैन ने मालवी शैली में गणनायका आज पधारो म्हारे देश.... पेश किया।। वहीं, अगली प्रस्तुति सुरभि ने सावन पर आधारित गीत नींदें निंबोली बाकी सावन महीना आया जी.... की प्रस्तुति दी। वहीं, मालवा का पारंपरिक संगीत संजा गीत नींदे निंबोली पाकी सावन महीनो.... की प्रस्तुति ने मालवीय शैली से ऑडियंस को रूबरू कराया।
Published on:
23 Jul 2022 10:42 pm
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