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शिवराज का लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला! जानिये चुनाव को लेकर क्या बोले

पार्टी तय करेगी मेरे चुनाव लडऩे का फैसला : शिवराज - साधना के चुनाव लडऩे से भी इनकार- तीन दिन प्रदेश में एक दिन देश में प्रचार की भूमिका- गौर और ललिता ने ठोकी ताल  
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netaji subhash chandra bose medical college jabalpur

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भोपाल@अरुण तिवारी की रिपोर्ट...

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लोकसभा चुनाव लडऩे को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। लोग कयास लगा रहे हैं कि वे विदिशा,छिंदवाड़ा या किसी अन्य कठिन सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि उनके चुनाव लडऩे का फैसला पार्टी करेगी। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि वे चुनाव लडऩे की जगह लड़वाने की भूमिका में हैं और उनका लक्ष्य मिशन 29 है।

शिवराज ने साधना सिंह के विदिशा से चुनाव लड़ने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें तीन दिन प्रदेश में और एक दिन देश में प्रचार करने का दायित्व सौंपा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कर्ज माफी पर कलई खुल गई है, हर मोर्चे पर ये सरकार फेल साबित हुई है और लोग मामा को याद करने लगे हैं।

लोग नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं और राष्ट्रवाद देश में मुद्दा है क्योंकि लोग सुरक्षित हाथों में देश को सौंपना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीखों पर सवाल उठाकर कांग्रेस अपनी हार के कारण खोजने लगी है।


- गौर,ललिता,राघवजी ने मांगा टिकट :
बाबूलाल गौर ने एक बार फिर भोपाल से चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। गौर ने कहा कि पार्टी ने ७५ पार का फॉर्मूला खत्म कर समझदारी का काम किया है। कांग्रेस हमारे लिए चुनौती नहीं क्योंकि कांग्रेस बची ही नहीं है। पूर्व मंत्री ललिता यादव ने संगठन से अपने लिए खजुराहो लोकसभा सीट से टिकट मांगा है।

राघवजी ने भाजपा कार्यालय पहुंच कर चुनाव प्रभारी स्वतंत्रदेव सिंह से मुलाकात की। राघवजी ने बेटी ज्योति शाह के लिए विदिशा संसदीय सीट से टिकट की मांग की है। पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने चुनाव लडऩे पर कहा कि वे अब संगठन से टिकट की याचना नहीं करेंगे,पार्टी को ठीक लगता है तो उनको टिकट दे।

पिछली बार पार्टी ने कपट किया, पिछले 15 साल में भाजपा में अवसरवादी लोग शािमल हो गए हैं,पार्टी को पराक्रम और परिक्रमा वाले लोगों में अंतर समझना चाहिए।