Bank Amalgamation : अगर आपका भी खाता किसी ग्रामीण बैंक या मध्यांचल ग्रामीण बैंक में है, तो आपके लिए एक बड़ा अपडेट है। अब मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक और मध्यांचल ग्रामीण बैंक जल्द ही एक होने वाली है।
MP News : अगर आपका भी खाता किसी ग्रामीण बैंक या मध्यांचल ग्रामीण बैंक में है, तो आपके लिए एक बड़ा अपडेट है। अब मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक और मध्यांचल ग्रामीण बैंक जल्द ही एक होने वाली है। ग्रामीण बैंक और मध्यांचल ग्रामीण बैंक दोनों 1 मई से एक बैंक बन जाएंगी। प्रदेश में दोनों बैंकों की कुल 1323 शाखाएं हैं। विलय(Rural bank के बाद बैंक ऑफ इंडिया इनकी स्पांसर बैंक होगी। अभी मप्र ग्रामीण बैंक की स्पांसर बैंक, बैंक ऑफ इंडिया तथा मध्यांचल ग्रामीण बैंक की स्पांसर भारतीय स्टेट बैंक है। ग्रामीण बैंकों के विलय का उद्देश्य बैंकिंग कार्यप्रणाली को बेहतर बनाना है।
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (Regional Rural Bank)के विलय से बैंकिंग सेवा में और भी सुधार देखने को मिलेगा। हमारे बैंकों की ज्यादातर योजनाएं ग्रामीण, किसानों से जुड़ी हुई हैं। इसका उन्हें लाभ मिलेगा।- नीता होर, वाइस प्रेसीडेंट, ऑल इंडिया रीजनल रुलर बैंक एम्पलाईज एसो. (अरेबिया)
● 866 ब्रांचें हैं ग्रामीण बैंकों की
● 14 रीजन और 39 जिलों में शाखाएं
● 3700 कर्मचारी प्रदेशभर में
● 38,000 करोड़ का बिजनेस (31 मार्च तक)
● 457 ब्रांचें हैं प्रदेश में
● 1600 कर्मचारी कार्यरत हैं
● 17 जिलों में हैं शाखाएं
● 17,000 करोड़ का बिजनेस (31 मार्च तक)