
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्रिका की ओर से शब्द-वेदः ग्रंथ की प्रति भेंट की गई। राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद्र कुलिश जी द्वारा संकलित इस ग्रंथ को पाकर मुख्यमंत्री बेहद उत्साहित हो गए और उन्होंने शब्द-वेदः को आदर के साथ अपने कक्ष 'समत्व भवन' में रखवाया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बड़े ध्यान से इस ग्रंथ के पन्ने पलटे और कहा कि कुलिशजी के शब्द हमें प्रेरणा देते रहेंगे।
भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता के प्रति यह ग्रंथ नैष्ठिक प्रयास है। यह संग्रहणीय ग्रंथ पत्रिका के यशस्वी संस्थापक कर्पूरचन्द्र कुलिश की वेदनिष्ठ परिकल्पना का साकार स्वरूप है। इसमें ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की संहिताओं को संकलित किया गया है। विगत शताब्दियों में मूल वैदिक संहिताओं के द्रुतगति से लुप्त हो रहे स्वरूप का संरक्षण इस शब्द-वेद: के प्रकाशन की पृष्ठभूमि रहा है। निस्सन्देह इस प्रयास से वर्तमान में उपलब्ध समस्त संहिताएं सहस्राब्दी तक सुरक्षित रह सकेंगी।
कर्पूर चन्द्र कुलिशजी का जन्म 20 मार्च 1926 को मालपुरा, टोंक राजस्थान में हुआ था। कर्पूर चन्द्र कुलिश हिन्दी समाचार समूह राजस्थान पत्रिका के संस्थापक थे। वे प्रख्यात कवि एवं लेखक भी थे। उनका जीवन संघर्षशील रहा और उन्होंने हिन्दी के विकास के लिए सराहनीय कार्य किया। उन्हें भारतीय राज्य राजस्थान में हिन्दी पत्रकारिता के जनक के रूप में भी जाना जाता है। कुलिश वर्ष 1956 तक वो राजस्थान के राजनीतिक और कॉर्पोरेट जुड़ाव वाले एक पत्र से जुड़े हुए एक संवाददाता थे। 1956 में उन्होंने अपने एक दोस्त से 500 रुपए उधार लिए और उनसे उन्होंने पत्रिका समाचार समूह की स्थापना की। 1986 में वो कार्यभार से मुक्त हुए तब तक पत्रिका समूह को राजस्थान का सबसे अग्रणी समाचार पत्र बना चुके थे। कुलिश जी का निधन 17 जनवरी 2006 को हो गया था।
Updated on:
23 Mar 2024 02:46 pm
Published on:
23 Mar 2024 02:30 pm
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