
वायरल हेपेटाइटिस का मुफ्त इलाज, हमीदिया में पहला क्लीनिक शुरू
भोपाल। अत्यधिक संक्रमित माने जाने वाले वायरल हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का अस्पताल में अब मुफ्त इलाज किया जाएगा। इसके लिए गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में प्रदेश की पहली वायरल हेपेटाइटिस क्लीनिक शुरू की गई है। इसके साथ ही वायरोलॉजी लैब में हेपेटाइटिस बी और सी की जांच की व्यवस्था भी पूरी हो गई है।
मालूम हो कि अधिकतर लोगों को यह जानकारी नहीं हो पाती है कि वह हेपेटाइटिस की चपेट में हैं। वैसे हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। ए, बी, सी, डी और ई, लेकिन इसमें बी और सी सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। केंद्र सरकार ने इसके लिए नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीएचपी) शुरू किया है। केन्द्र सरकार ने पल्स पोलियो व क्षयरोग की तरह इसे वर्ष 2030 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। अभी तक इसका इलाज पूरी तरह मुफ्त नहीं था। इसकी जांच एलाइजा टेस्ट के जरिए की जाती है, इसके लिए मरीज को 200 से 500 रुपए तक देना पड़ता था।
मरीजों का डाटा तैयार किया जाएगा
नेशलन हेल्थ मिशन की संयुक्त संचालक डॉ. शशि ठाकुर के मुताबिक हेपेटाइटिस बी और सी से पीडि़त मरीजों की जानकारी नहीं है। अब क्लीनिक में मरीजों का डाटा भी तैयार होगा। भोपाल के बाद जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में भी इसकी शुरुआत होगी। सभी जिला अस्पतालों में भी क्लिनिक शुरू किया जाना है। ये हैं हेपेटाइटिस बी और सी: हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण होने वाला लिवर का गंभीर संक्रमण है। हेपेटाइटिस सी लिवर की बीमारियों का प्रमुख कारण है। लापरवाही करने पर यह लिवर कैंसर का रूप ले लेता है।
ये हैं लक्षण
हेपेटाइटिस बी और सी का प्राथमिक लक्षण शरीर में दर्द होना है। पीलिया होना भी इसका लक्षण है। पेट में पानी भर जाना, लीवर में दर्द होना, खून की उल्टियां होना, भूख न लगना, पेट में सूजन आ जाना आदि लक्षण होते हैं।
Published on:
08 Feb 2020 01:56 am
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