
भोपाल। डा. आम्बेडकर परिनिर्वाण भूमि सम्मान कार्यक्रम समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंद्रेश गजभिये ने अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए लोकसभा से लेकर विधानसभा तक अलग मतदान व्यवस्था के लिए आवाज बुलंद की है। गजभिये ने बुधवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि देश में लोकसभा से लेकर विधानसभा तक अजा व जजा सीटों से सवर्ण मतदाताओं को अलग किया जाना चाहिए। अजा व जजा सीटों पर केवल अजा व जजा वर्ग के मतदाता ही मतदान करें यह व्यवस्था लागू जानी चाहिए। इसे लेकर दिल्ली में बीस नवंबर को दलित महापंचायत भी हो रही है। इसमें देशभर के अजा व जजा वर्ग के बुध्दिजीवी आएंगे।
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राजधानी में बुधवार को पत्रकारवार्ता में गजभिये ने कहा कि २४ सितंबर १९३२ को महात्मा गांधी और डा. आम्बेडकर के बीच हुए पूना पैक्ट को रद्द किया जाए। इस पूना पैक्ट समझौते के पहले अजा व जजा वर्ग के लिए अलग मतदान व्यवस्था ही लागू थी। इस कारण अब वापस उसी व्यवस्था को लागू किया जाए। बीते ७० सालों में अजा व जजा वर्ग के विधायक और सांसदों ने दलित समाज के लिए कोई खास काम नहीं किया। वे केवल समाज के लिए मुखौटे साबित हुए हैं। इसलिए अलग मतदान व्यवस्था को लागू किया जाए, ताकि विधायक व सांसद समाज के लिए जवाबदेह बन सके। वर्तमान में लोकसभा में १३२ और विधानसभा में ८५० सीटें देश में आरक्षित हैं। इन सीटों पर सवर्ण मतदाताओं को हटाकर केवल अजा व जजा वर्ग के मतदाताओं के मतदान की व्यवस्था की जानी चाहिए।
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Published on:
10 Nov 2021 10:38 pm
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