
Bhopal Gas tragedy, activist Abdul Jabbar, passed away
भोपाल/ मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गैस पीड़ितों की हक की आवाज बुलंद करने वाले अब्दुल जब्बार के जनाजे में हजारों लोग शामिल हुये। बतादें कि करीब 6 महीने से बीमारी के चलते अब्दुल जब्बार भोपाल के निजी अस्पताल में बीती रात 10.15 बजे अंतिम सांस ली। अब्दुल जब्बार के परिवारजनों के मुताबिक उन्हें गैंगरीन हो गया था। इस कारण पैरों की उंगलियां भी खराब हो गई थीं।
हार्ट में थे तीन ब्लॉकेज
परिजनों ने उन्हें 2 महीने पहले कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उनकी उंगलियां काटने की बात कही। हालांकि कमला नेहरू में भर्ती रहने के दौरान उनकी हालत में सुधार होता नहीं दिखा तो परिजन उन्हें लेकर BMHRC पहुंचे।
वहां भी उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ और हफ्ते भर पहले उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब्बार के हार्ट में डॉक्टरों ने तीन ब्लॉकेज बताए थे। इसके साथ ही शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या से भी वे जूझ रहे थे आर्थिक संकट के चलते परिवार जनों ने शहर के बाहर इलाज के लिए नहीं ले जा सके और लंबे संघर्ष के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
गैस त्रासदी में गई हजारों जानें
गौरतलब है कि भोपाल गैस त्रासदी सबसे भयावह और दर्दनाक ओद्योगिक त्रासदी में से एक है। जिसमें हजारों लोगों की जाने चली गई। हजारों बेघर हो गये। कुछ आज भी इस त्रासदी से पीड़ित है। त्रासदी के पीड़ितों के लिए ये एक ऐसा जख्म है जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा है। 2 दिसंबर 1984 की रात को भोपाल में यूनियन कार्बाइड की फैक्टरी से निकली 30 टन से अत्यधिक जहरीले गैस मिथाइल आइसोसाइनेट ने हजारों लोगों की जान ले ली थीं।
Updated on:
15 Nov 2019 04:11 pm
Published on:
15 Nov 2019 04:09 pm
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