भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्यमी संघ व अन्य ने याचिका दाखिल कर कहा था कि गैस राहत अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर व स्टाफ नहीं है। पीडि़तों के हेल्थ कार्ड नहीं बने हैं। दवाओं का टोटा रहता है। फिर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश पर इसकी मॉनीटरिंग के लिए हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस वीके अग्रवाल की कमेटी गठित की थी। उक्त कमेटी ने सभी संबंधितों व अधिकारियों से बैठक के बाद यह रिपोर्ट तैयार की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजेश चंद ने पैरवी की।