
भोपाल. रूस और यूक्रेन की जंग में मध्यप्रदेश के कई युवा फंस गए हैं. यूक्रेन के कीव और खार्किव में सबसे अधिक भारतीय स्टूडेंट हैं. रूसी सैनिकों का मूवमेंट भी सबसे ज्यादा यहीं है जिससे बच्चे काफी डरे हुए हैं. जान बचाने के लिए इंडियन स्टूडेंट बंकर और अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन में छिपे हुए हैं. यूक्रेन में फंसे प्रदेश के बच्चों ने बताया कि यूक्रेन में रूसी सैनिकों का जबर्दस्त खौफ है. रूस के सैनिक यूक्रेन में खासी तबाही मचा रहे हैं, यहां तक कि नागरिकों पर भी हमले कर रहे हैं.
प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की छात्रा दिव्यांशा साहू कीव में रहकर पढ़ाई कर रही है. दिव्यांशा बताती है कि कीव प्रशासन ने यहां कर्फ्यू लगा दिया है. हमलोग सिर्फ खाने का सामान खरीदने के लिए बाहर निकलते हैं. उनका कहना है कि भारत सरकार चाहती है कि हम पोलैंड बॉर्डर तक पहुंचें, पर इन हालातों में तो बाहर निकलना ही जानलेवा हो सकता है, हम कैसे निकलें!
शहर में रूसी सैनिक घूम रहे हैं और अब उन्होंने आम लोगों पर भी हमला करना शुरू कर दिया है। हर कहीं बम गिर रहे हैं, मिसाइलें गिर रही हैं। रूसी सैनिकों द्वारा यूक्रेन की युवतियों को परेशान किया जा रहा है. इस संबंध में कई मीडिया रिपोर्ट भी सामने आ चुकी हैं. हालांकि रूसी सैनिक अभी सिर्फ यूक्रेनियों को निशाना बना रहे हैं। बच्चे बताते हैं कि अभी तक भारतीयों के साथ किसी तरह की घटना सामने नहीं आई है, लेकिन छात्राओं में ज्यादा डर है. छात्राओं का यह भी कहना है कि जो स्टूडेंट रेस्क्यू किए गए वे यूक्रेन के सुरक्षित क्षेत्रों में थे. भारत सरकार से कीव और खार्किव के इलाकों में रह रहे स्टूडेंट्स को कोई मदद नहीं मिल रही.
खार्किव में प्रदेश के सबसे ज्यादा बच्चे हैं. यह इलाका रूसी सीमा से महज 37 किलोमीटर दूर है, जबकि कीव करीब 400 किलोमीटर दूर है। बच्चों ने बताया कि यहां दिन-रात धमाके हो रहे हैं। हम जहां छिपे हैं, उससे थोड़ी दूर ही मिसाइल हमला हुआ। तब पूरे इलाके में विस्फोट की आवाज सुनाई पड़ी।
Published on:
27 Feb 2022 11:17 am
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