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गोहद किले को यूनेस्को एशिया पेसिफिक हेरिटेज अवार्ड देने की घोषणा

पुरातत्व आयुक्त अनुपम राजन ने दी पुरातत्व टीम को बधाई
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 5 Nov 2017, 4:39 PM IST

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भोपाल। यूनेस्को ने भिण्ड जिले के गोहद किले के अनुरक्षण कार्य को "यूनेस्को एशिया पेसिफिक हेरिटेज अवार्ड 2017" देने की घोषणा की है। विभिन्न देशों से प्रोजेक्ट्स अंतर्राष्ट्रीय संरक्षण विशेषज्ञों की समिति को प्राप्त हुए थे। इनमें से भारत के 7 प्रोजेक्ट अवार्ड के लिए चयनित किए गए। इन प्रोजेक्ट्स में मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले के गोहद किले के अनुरक्षण कार्य का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
यूनेस्को द्वारा पिछले साल भी उÓजैन जिले के महिदपुर किले के अनुरक्षण कार्य को "अवार्ड आफ मेरिट' दिया गया था।

पुरातत्व आयुक्त अनुपम राजन ने बताया कि संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा गोहद के किले में संस्कृति विभाग एवं वल्र्ड मान्यूमेंट फण्ड के बीच हुए करारनामा में 64 लाख रुपए के अनुरक्षण कार्य करवाए गए। इस कार्य में कन्सल्टेंट विजया अमुजूरे (नई दिल्ली), उप संचालक पुरातत्व गीता सबरबाल एवं प्रभारी उप संचालक तकनीकी के.के. बरई का विशेष योगदान रहा है। राजन ने इस उपलब्धि पर पुरातत्व टीम को बधाई दी है।

गोहद किले का इतिहास

गोहद के किले की बनावट दुर्ग निर्माण कला का अद्वितीय नमूना है। किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में हुआ था। इस पर जाट राजाओं का शासन कई वर्ष तक रहा और यह उनके राज्य की राजधानी भी रहा था। किले के दरवाजे हाथी पौर, सांकल दरवाजा तथा हमार के दरवाजे का अनुरक्षण कार्य अत्यन्त जटिल था। इस कार्य में विशेष सावधानी के साथ सतत मानीटरिंग की गई। भिण्ड जिले के 24 संरक्षित स्मारक में से केवल गोहद में इस किले सहित 10 संरक्षित स्मारक घोषित है।

यह सभी 8 वीं शती से लेकर 18 वीं शती के हैं। पुरातत्व आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में 497 संरक्षित स्मारक घोषित हैं। संरक्षित स्मारकों के अनुरक्षण,संवर्धन और विकास कार्य को स्मारकों की वास्तुकला तथा वहां की विशेषताओं को दृष्टिगत रखकर सावधानी से करवाया जाता है। प्रदेश के ग्रामवार सर्वेक्षण एवं उनमें बिखरी पुरातत्वीय सम्पदा से जनसामान्य को अवगत कराने तथा धरोहर की सुरक्षा के उद्देश्य से सर्वेक्षण एवं अनुरक्षण के कार्य सतत रूप से चलाये जा रहे हैं।