मूंग किसानों के लिए अच्छी खबर
भोपाल। मध्यप्रदेश में मूंग किसानों के लिए अच्छी खबर है। इस बार गेहूं किसानों की तरह मूंग उत्पादक किसान भी मालामाल हो सकते हैं। दरअसल पंजाब में इस बार मूंग की फसल बहुत कम हुई है जबकि वहां मूंग की सबसे ज्यादा खपत होती है. ऐसे में मध्यप्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों को लाभ मिल सकता है। प्रदेश की मंडियों में मूंग की आवक बढ़ गई है लेकिन भाव अच्छे नहीं मिल रहे हैं. व्यापारी और एक्सपर्ट बताते हैं कि कुछ दिनों के बाद मूंग के भाव में तेजी आना तय है और तब तक किसानों को इंतजार करना ही उचित रहेगा।
एमएसपी पर ग्रीष्मकालीन मूंग की सरकारी खरीदी पंजाब में भी शुरू होने जा रही है। पंजाब की नई सरकार ने यह एलान जरूर किया है पर राज्य में इस बार मूंग की बोवनी लगभग आधी है। पिछले वर्ष 5000 हेक्टेयर में मूंग बोई गई थी जबकि इस साल महज 3000 हेक्टेयर में मूंग बोई गई है।
वैसे भी पंजाब में मूंग का सालाना उत्पादन मात्र 50000 से 60000 टन रहता है जबकि खपत यहां 6 लाख टन से अधिक है। रकबा कम होने से उत्पादन में और कमी होगी जबकि मध्यप्रदेश में मूंग का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़े हैं। कुछ दिनों बाद घरेलू बाजार में डिमांड बढ़ने से मूंग के दाम तेज होंगे तब प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों को खासा लाभ मिल सकता है।
प्रदेश की सबसे बड़ी मंडी इंदौर में अभी मूंग की कीमतों में तेजी नजर नहीं आ रही है। इधर, मध्यप्रदेश में मूंग की आवक मंडियों में अच्छी हो रही है जबकि खरीदारी जैसी होनी चाहिए वैसी नहीं हो रही है। इंदौर मेें मूंग बेस्ट 6600-6700 प्रति क्विंटल, नया मूंग 6800-7000 प्रति क्विंटल और एवरेज मूंग 6000-6500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है।
तीसरी फसल के रूप में मूंग से मुनाफा – पिछले कुछ वर्षों से प्रदेश में तीसरी फसल के रूप में मूंग सबसे प्रमुख एवं किसानों को मुनाफा देने वाली फसल बन चुकी है। चालू वर्ष 2022 में लगभग 9 लाख 29 हजार हेक्टेयर में मूंग लेने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष 8.35 लाख हेक्टेयर में मूंग बोई गई थी. मूंग का उत्पादन अनुमान 11.55 लाख मीट्रिक टन था। गत वर्ष प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य 7196 रु. प्रति क्विंटल पर 2 लाख 47 हजार टन मूंग की खरीदी की गई थी। इस वर्ष मूंग का एमएसपी 7275 रु. प्रति क्विंटल तय किया गया है।
मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिला को देश एवं प्रदेश में सबसे अधिक मूंग की फसल लेने वाला जिला माना गया है। जानकारी के मुताबिक इस वर्ष यहां लगभग 2.50 लाख हेक्टेयर में मूंग बोवने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में दूसरे नम्बर पर हरदा जिला है जहां 1.35 लाख हेक्टेयर में मूंग ली जाएगी। इसी के साथ नरसिंहपुर जिले में 1.25 हेक्टेयर में, रायसेन में 1.10 लाख हेक्टेयर में, सीहोर जिले में 75 हजार हेक्टेयर में मूंग लेने का लक्ष्य रखा गया है।