
भोपाल। मध्य प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लगभग डेढ़ लाख से ज़्यादा खाली पड़े पदों पर जल्दी ही भर्ती शुरु होने वाली है। इससे सरकारी नौकरी की आस लगाये बैठे शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी करने का मौका मिल सकेगा। ये वह पद हैं जो सरकार के कई विभागों में अलग-अलग श्रेणी में खाली पड़ा हैं और लम्बे समय से युवा इन पदों पर भर्ती की बाट जोह रहे थे। प्रदेश सरकार जल्द ही इन खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करेगी।
डेढ़ लाख से ज़्यादा पद खाली
मध्य प्रदेश सरकार के कई विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के लगभग डेढ़ लाख से ज़्यादा पद रिक्त हैं। इनमें से चतुर्थ श्रेणी के 16 हज़ार पद, तृतीय श्रेणी के 76 हज़ार पद, शिक्षा विभाग में संविदा शिक्षक के 31 हज़ार पद और गृह विभाग में पुलिस आरक्षक के 26 हज़ार पद खाली हैं। सीएम ने अन्य विभागों को भी रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं जिससे सभी रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया एक साथ शुरु की जा सके।
निजी संस्थानों में भर्ती
सरकार ने विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों सहित प्रदेश में संचालित निजी संस्थानों में भर्ती को लेकर कही है कि अब फैक्ट्रियों में नई भर्ती में प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। इससे रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अनूपपुर में कहा कि प्रदेश में-में शीघ्र ही शासकीय भर्ती प्रारंभ की जाएंगी। फैक्ट्रियों में भी 75 प्रतिशत भर्ती प्रदेश के युवाओं से ही होगी। मुख्यमंत्री ने अनूपपुर में लगभग-लगभग 302 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
छोटे व्यवसायियों को सहारा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संकट के कारण प्रभावित ठेला चालकों, फल एवं सब्जी बेचने वालों, मजदूरी करने वाले, रिक्शा चालकों को 10 हज़ार रुपए की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका ब्याज शासन भरेगा। इस योजना से गरीब तबका पुन: अपने रोजगार को शुरू कर जीवन यापन कर सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में संचालित सम्बल जैसी कई योजनाएं बंद हो गई थीं, उन्हें पुन: प्रारंभ किया गया है। इन योजनाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभ भी देना शुरू कर दिया गया है।
Updated on:
08 Sept 2020 12:05 pm
Published on:
08 Sept 2020 12:05 pm
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