
भोपाल. कर्नाटक ( Karnataka political crisis ) में कांग्रेस की सरकार गिर गई। अब मध्यप्रदेश भी कांग्रेस की सरकार ( Madhya Pradesh government ) पर खतरा मंडराने लगा है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ( gopal bhargav ) के बयान के बाद सीएम कमलनाथ ने सीधे शब्दों में विधानसभा बीजेपी को विश्वास मत के लिए चैलेंज किया है। नेता प्रतपक्ष गोपाल भार्गव ने सदन में कहा कि आदेश हुआ तो चौबीस घंटे भी प्रदेश में कमलनाथ की सरकार नहीं चलेगी। तो सीएम ने भी पलटवार करते हुए कहा कि ले आइए अविश्वास प्रस्ताव।
दरअसल, मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि हमारे ऊपर वाले नंबर एक या नंबर दो का आदेश हुआ तो चौबीस घंटे भी इनकी सरकार नहीं चली। इस बयान के बाद सदन में खलबली मच गई। गोपाल भार्गव के बयान के बाद ही सदन में बीजेपी पर सीएम कमलनाथ बरसे।
विधानसभा में सीएम कमलनाथ ने कहा कि रोज-रोज बोलते हैं कि अल्पमत में सरकार है। अगर ऐसी बात है तो सदन में आज ही अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए। इनके नंबर एक और नंबर दो ज्यादा समझदार हैं। यहां बैठे लोग बिकाऊ नहीं हैं। आज ही अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए विपक्ष। सरकार पूरे पांच साल तक अपने दम पर चलेगी।
वहीं, इन विवादों के बीच बसपा विधायक रामबाई बोलीं कि हमलोग कमलनाथ के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं। कोई भी इनकी सरकार को नहीं गिरा सकता है। बसपा पूरी तरह से कमलनाथजी के साथ खड़ी है। हमलोग एक बिल्कुल अंगद की तरह खड़े हैं।
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ये है स्थिति
दरअसल, मध्यप्रदेश विधानसभा में 230 विधायकों में से कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं। यह सरकार चार निर्दलियों, बीएसपी के दो और एसपी के एक विधायक के समर्थन से चल रही है। जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं। सियासी जानकारों को लगता है कि कमलनाथ सरकार इस बात को लेकर सचेत है। क्योंकि पिछले दिनों 11 दिन के अंदर ही तीन बार सीएम ने विधायकों की बैठक ली थी।
Updated on:
24 Jul 2019 05:04 pm
Published on:
24 Jul 2019 01:42 pm

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