
Innocent death,Innocent death,Innocent death,Innocent death,नरसिंहपुर की बच्ची को सागर जिले की समिति ने दे दिया गोद, हाइकोर्ट तक पहुंचा मामला
भोपाल। अमेरिका-केलिफोर्निया के एक दंपत्ति द्वारा मध्यप्रदेश के रीवा स्थित आंचल शिशु गृह में बच्चियों के यौन शोषण का आरोप लगने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने विदेशियों को बच्चे गोद देने पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर ली है। दरअसल, मध्यप्रदेश में 600 से ज्यादा दंपति बच्चों को गोद लेने के लिए कतार में हैं, जबकि एनजीओ व अन्य संस्थाएं पैसे के लालच में विदेशियों को बच्चे गोद दे देते हैं। इस कारण अब सरकार यह कानून बनाने पर विचार कर रही है कि स्थानीय लोगों को ही बच्चे गोद दिए जाए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने इस तरह का कानून बनाने के प्रयास शुरू किए हैं। इमरती देवी का मानना है कि भारत से बच्चों को गोद लेकर विदेशी दंपति नौकर की तरह रखते हैं। विदेशों में बच्चोंपर मानीटरिंग भी नहीं हो देश में ही बच्चे गोद देने चाहिए। दरअसल, पूरे प्रदेश में २८ हजार से ज्यादा लोग बच्चे गोद लेने के लिए कतार में पंजीयत हैं। वहीं मध्यप्रदेश में इनकी संख्या ६०० से ज्यादा है। इस कारण प्रदेश में इस तरह कानून बनाने पर विचार हो रहा है कि प्रदेश के शिशु गृहों से बच्चों को केवल मध्यप्रदेश के मूल निवासियों का ही दिया जाए। इसमें मानीटरिंग का सिस्टम भी बनाया जाएगा।
ये है मामला-
दरअसल, रीवा की आंचल शिशु गृह संस्था से अमेरिका-केलिफोर्निया के दंपति ने चार बच्चों को गोद लिया था। ये चारों भाई-बहन थे। हाल ही में उनमें से एक बच्ची ने उस दंपति को बताया कि आंचल संस्था में उसका यौन शोषण हा। इस पर दंपति ने भारत सरकार को इसकी शिकायत की, जिसके बाद केंद्र ने मध्यप्रदेश सरकार को जांच के लिए पर मध्यप्रदेश सरकार ने आंचल संस्थ का तुरंत रद्द कर दिया। अब इस मामले की पुलिस जांंच कर रही है।
इनका कहना-
देश और मध्यप्रदेश मेें पहले से हजारों लोग बच्चों को गोद लेने के लिए कतार में हैं, फिर विदेशियों को बच्चे गोद क्यों दिए जाने चाहिए। इसलिए हम इस पर कानून बनाने जा रहे हैं। इस कानून में मध्यप्रदेश के बच्चों को केवल स्थानीय व देशवासियों को ही गोद दिए जाने का प्रावधान किया जाएगा।
- इमरती देवी, मंत्री, महिला एवं विकास विभाग, मप्र
Published on:
01 Nov 2019 08:24 am
