
जेल की सींखचों में कुछ ऐसे बंदी भी कैद हैं जिन्हें न तो जमानतदार मिल रहा है न ही वो जूर्माना राशि भर पा रहे हैं। दरअसल आंकड़ों की बात की जाए तो प्रदेशभर में कुल 138 ऐसे बंदी हैं जिन्हें कोई जमानदार नहीं मिल रहा है और करीब 62 ऐसे बंदी हैं जो जूर्माने की राशि नहीं भर पा रहे हैं। जिस वजह से जेल की सींखचों में रहने को मजबूर है। लेकिन अब ऐसे बंदियों को जेल से बाहर निकालने की तैयारी सरकार कर रही है। लेकिन जेल सूत्रों ने बताया कि इस योजना के दायरे में 130 से 138 बंदी ही आते हैं।
बता दें हालही में केंद्र सरकार ने ऐसे कैदियों के लिए एक योजना बनाई है। जिससे सरकार अब ऐसे गरीब बंदियों की जमानत और जुर्माना राशि भरेगी। जिसको लेकर हालही में 3 जनवरी केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक भी आयोजित हुई है। बता दें केंद्र से निर्देश के बाद केनरा बैंक में खाता भी खोल लिया गया है। और आगे की एसओपी पर कार्य चल रहा है।
ऐसे बंदियों को नहीं मिलेगी राहत
एनडीपीएस एक्ट, पाक्सो, पीएमएलए और यूएपीए एक्ट के बंदियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
राज्य स्तरीय और जिला स्तरीय कमेटी मे ये अधिकारी शामिल
जिला स्तरीय कमेटी: कलेक्टर, एसपी, जिला न्यायधीश, जेल अधीक्षक और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण।
राज्य स्तरीय कमेटी: प्रमुख सचिव गृह जेली की अध्यक्षता में सचिव विधि विभाग, डीजी जेल, सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और रजिस्टार जनरल मप्र हाईकोर्ट।
जिला स्तरीय कमेटी के पास इतनी रकम की होगी पावर
जिला स्तरीय कमेटी के पास 40 हजार रूपए की जमानत राशि और 25 हजार रूपए की जुर्माना राशि भरने की पावर होगी। यदि इससे ज्यादा की राशि होती है तो राज्य स्तरीय कमेटी के पास मामले को भेजा जाएगा।
………………………………………..
जूर्माना नहीं भरने वाले बंदी
जेल-- बंदी
इंदौर- 04
भोपाल- 12
जबलपुर- 08
नरसिंहपुर-10
ग्वालियर- 05
रतलाम- 05
बड़वानी- 04
सागर- 04
उज्जैन- 03
सतना- 03
रीवा- 02
नर्मदापुरम- 01
शिवपुरी- 01
……………………………………………
जमानतदार नहीं मिलने से प्रदेशभर में इतने बंदी बंद
जेल- सजायाफ्ता- अंडरट्रायल- कुल
इंदौर- 02–06--08
भोपाल- 10–32--42
जबलपुर-08–09--17
नरसिंहपुर-02–04--06
ग्वालियर- 00–02--02
रतलाम- 05–12--17
बड़वानी- 01–01--02
सागर- 09–01--10
उज्जैन- 09–03--12
सतना- 02–05--07
रीवा- 05–01--06
नर्मदापुरम- 01–03--04
(नवंबर 2023 तक के आंकड़े)
Published on:
12 Jan 2024 07:55 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
