2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शराब दुकानों पर अहाते खोलकर खाली खजाना भरेगी सरकार

शनिवार को इस मामले में आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिए।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Alok Pandya

Oct 27, 2019

बर्खास्त कोर्ट बाबू स्कूटर में छिपाकर लेजा रहा था शराब,

बर्खास्त कोर्ट बाबू स्कूटर में छिपाकर लेजा रहा था शराब,

भोपाल। प्रदेश सरकार ने अपनी माली हालत सुधारने के लिए अंग्रेजी शराब की दुकानों में बैठ कर शराब पीने की व्यवस्था के लिए अहाता खोलने की मंजूरी जारी कर दी है। शनिवार को इस मामले में आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिए।अब प्रदेश में कोई भी अंग्रेजी शराब का ठेकेदार ठेके की राशि का 5 प्रतिशत अतिरिक्त जमा करके दुकान के साथ में अहाता खोल सकेगा। प्रदेश में लगभग 12 सौ अंग्रेजी शराब दुकाने हैं, इसमें से तकरीबन दो सौ दुकानों में ही अभी अहाते की व्यवस्था मिली हुई है।

अहातों में देना होगी सुविधा-

आबकारी विभाग ने अहातों में पहुंचने वाले लोगों को सुविधाएं देने के लिए भी निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार अहाते में एक सिक्युरिटी गार्ड होना आवश्यक होगा। इसके साथ ही वहां टॉयलेट, पीने के लिए आरओ का शुद्ध पानी और खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराना होगी। अहाते में बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था भी करना होगी।

चल रहे हैं अवैध अहाते-
इंदौर में सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के ठिकानों पर पड़े लोकायुक्त छापे में सामने आया है कि उन्होंने देशी शराब की दुकान की आड़ में अंगे्रजी शराब के अहाते भी खुलवा दिए। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में लगभग 6 सौ अवैध अहाते चल रहे है। जिससे प्रदेश सरकार को तकरीबन 130 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ। ये अहाते अधिकारियों और शराब कारोबारियों की सांठगांठ से चल रहे हैं। वहीं शराब की दुकान के आस-पास सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के शराब पीने से अपराध बढऩे के मामले भी सामने आए थे। इसके बाद सरकार ने यह कदम उठाया है।

यह होगी फीस-

2 करोड़ तक के लाइसेंस के लिए 5 प्रतिशत फीस, 2 से 5 करोड़ के लिए 3 प्रतिशत और 5 से ऊपर के लिए 2 प्रतिशत अतिरिक्त फीस देकर अंग्रेजी शराब के ठेकेदार अपनी दुकान के साथ अहाता खोल सकेंगे।

राजस्व बढ़ाने की कवायद-
केंद्र सरकार से पर्याप्त धनराशि नहीं मिलने के बाद हाल ही में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश के राजस्व को बढ़ाने के लिए समीक्षा की थी। इस समीक्षा में सामने आया था कि सरकार पेट्रोल-डीजल और आबकारी के माध्यम से ही राजस्व बढ़ा सकती है। पेट्रोल-डीजल पर टेक्स के बाद अब सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए अहातों को मंजूरी देने का निर्णय लिया है।