15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां सदियों से विराजे हैं स्वयंभू महादेव, जाने सात गुफाओं का रोचक रहस्य

एक गुफा के प्राकृतिक जल में विराजे स्वयंभू भगवान शिव, दर्शन मात्र से पूरी हो जाती हैं मनोकामनाएं...

2 min read
Google source verification
bhopal gufa mandir

यहां सदियों से विराजे हैं स्वयंभू महादेव, जाने सात गुफाओं का रोचक रहस्य

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल सहित पूरे देश में आज महाशिवरात्रि मनाई जा रही है। देवाधिदेव महादेव का एक खास मंदिर भोपाल के लालघाटी क्षेत्र में भी है, जहां सदियों से स्वयंभू भगवान शिव विराजे हुए हैं। वहीं स्वयंभू भगवान शिव वाली गुफा में प्राकृतिक जल हमेशा बना रहता है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर हर साल यहां भक्तों की भीड़ उमड़ती है। वहीं इस महाशिवरात्रि को भी सुबह 6 बजे से ही भक्तों का यहां तांता लगना शुरू हो गया।

गुफा का जल जैसे दूध...
इस दौरान जिस गुफा में स्वयंभू भगवान शिव विराजे हैं, वहां का जल दुध मिश्रित होने के चलते सफेद रंग का ऐसा हो गया मानो गुफा में दूध भरा हो। भक्त जन इसी में उतरकर भगवान शिव के दर्शन कर उन्हें फूल, फल आदि अर्पित करते रहे।

सात प्राकृतिक गुफाओं का मंदिर...
सात प्राकृतिक गुफाएं और एक गुफा के प्राकृतिक जल में विराजे स्वयंभू भगवान शिव, जिनके दर्शन मात्र से श्रृद्धालुओं के मन की कामनाएं पूरी हो जाती हैं। यह पुण्य प्रताप भोपाल के गुफा मंदिर में है। जहां सालों से भगवान शिव की पिंडी प्राकृतिक जल में स्थापित है। भीषण गमीज़् में भी यहां कभी सूखा नहीं पड़ता। आइए जानते हैं गुफा मंदिर के बारे में...

गुफा मंदिर और आश्रम परिसर 7 प्राकृतिक गुफाओं से गिरा हुआ है। परिसर में भव्य शिवलिंग की स्थापना की गई है। एक गुफा में स्वयंभू शिव की पिंडी है जबकि बाकी गुफाओं में संस्कृत के विद्यार्थी रह रहे हैं।

पिंडी स्थापना का कोई प्रमाण नहीं...
गुफाओं से निर्मित छत लगभग 25 फुट लंबी और चौड़ी है। हालांकि यहां भगवान शिव की पिंडी स्थापना का कोई लिखित प्रमाण नहीं है लेकिन फिर भी मंदिर के प्रति वर्षों से लोगों के मन में श्रृद्धा का भाव है। मंदिर के पुजारी दिन-रात भगवान शिव की आराधना करते हैं। हर पहर में महामृत्युंजय जप होता है। मंदिर में प्रात: 6.30 बजे से स्वयंभू शिव एवं पंचायतन की आरती आरम्भ हो जाती है।


यहां राम जानकी लक्ष्मण के भी दर्शन होते हैं। दरअसल मंदिर परिसर में गुफा के ठीक नीचे श्रीराम जानकी लक्ष्मण सहित श्री राधाकृष्णा आदि देवी देवताओं की खूबसूरत झांकियां स्थापित हैं।

वहीं प्रांगड़ में बूढ़े हनुमान जी के नाम से प्रसिद्ध मंदिर की स्थापना है। इनकी मंगल आरती प्रात: 5.30 बजे आरम्भ हो जाती है।

गुफा मंदिर की सीढिय़ों के पास वृहदाकार में बड़े हनुमान जी भी प्रतिष्ठित हैं। जिन्हें पतित पावन दक्षिणमुखी हनुमानजी भी कहते है। इसके अलावा दुर्गा मंदिर तीनों देवियों के दिव्य दर्शन होते हैं। नवरात्र और सावन के दौरान मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भंडारों का दौर जारी रहता है।