
सोशल मीडिया के जरिए चल रहा अवैध हथियारों का कारोबार
भोपाल. गन लाइसेंस कल्चर बढ़ने के साथ शहर में लाइसेंसी गन की संख्या भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में इनके रिन्यूअल को लेकर आवेदन कलेक्टोरेट की शस्त्र शाखा में लोक सेवा गारंटी के माध्यम से पहुंचते हैं। इसमें कई रिपोर्ट थाना प्रभारी से आने में समय भी लग जाता है जिससे प्रकरणों का समय अवधि में निराकरण करना मुश्किल हो जाता है। ये रिपोर्ट समय पर मिल सके इसके लिए पुलिस रिपोर्ट को भी लोक सेवा गारंटी से जोड़ा जा रहा है। इसे लोकसेवा गारंटी केंद्र से जोड़कर ये पूरी प्रक्रिया आगामी कुछ माह में ऑनलाइन हो जाएगी। भोपाल से भेजे गए प्रस्ताव के बाद गृह विभाग ने इसे पूरे प्रदेश के लिए तैयार कर लिया है। अंतिम दौर की अनुमित मिलते ही ये पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा।
राजधानी की बात करें तो यहां करीब 15 हजार गन लाइसेंस हैं। इसमें पूर्व के बने हुए लाइसेंस काफी हैं। जो पूरे वर्ष रिन्यूअल के लिए आते रहते हैं। लाइसेन्स शाखा प्रभारी ने बताया कि अभी जो लाइसेंस रिन्यूअल के लिए आते हैं, उनका प्रिंट निकालकार उसे संबंधित थाने भेजा जाता है, ताकि वे रिपोर्ट दे सकें। इसमें कभी-कभी देरी भी हो जाती है। लेकिन जो ऑनलाइन सिस्टम होगा उसमें लोकसेवा गारंटी केंद्र में आवेदन होगा। यहां से उस आवेदन को संबंधित क्षेत्र के एसपी एवं थाना प्रभारी को भेजा जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहने के कारण दस्तावेज का क्रमांक भी रहेगा। इससे जल्द ही रिपोर्ट प्राप्त् हो सकेगी। ऐसे में पारदर्शिता के साथ लोगों के काम भी समय पर होंगे।
हर माह आते हैं लगभग सौ आवेदन
कलेक्टोरेट की गन शाखा में ही हर माह करीब सौ के लगभग नए आवेदन गन लाइसेंस के आते हैं। यहां आने के बाद इनको पुलिस रिपोर्ट के लिए संबंधित थाने और अफसरों के पास भेजा जाता है। कोरोना के बाद गन कल्चर में कमी देखने को मिल रही है। लेकिन इसके बाद भी संख्या अच्छी खासी है।
Updated on:
19 Mar 2023 12:31 am
Published on:
19 Mar 2023 12:30 am
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