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अनाडिय़ों से मत जुल्फें लगवाना

हेयर ट्रांसप्लांट की वजह से चेन्नई में 22 साल के एक मेडिकल स्टूडेंट की मौत के मामले के बाद उठा सवाल, भोपाल में हेयर सैलून के लाइसेंस पर चलाए जा रहे हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर

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Krishna singh

Jun 18, 2016

hear transplant

hear transplant

भोपाल. सिर पर बाल कम हैं और आप फिर से घनी जुल्फें चाहते हैं तो हेयर ट्रांसप्लांट के जरिए यह संभव है। लेकिन आपने गलती से हेयर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया किसी अनाड़ी यानी हेयर सैलून सेंटर में कराई तो जिंदगी जोखिम में पड़ सकती है। हाल ही में हेयर ट्रांसप्लांट की वजह से चेन्नई में 22 साल के एक मेडिकल स्टूडेंट की मौत का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां हेयर सैलून के लाइसेंस पर चलाए जा रहे हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर में हेयर ट्रांसप्लांट किया गया था। इस तरह का खतरा भोपाल में भी है, यहां भी कई इलाकों में ऐसे हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक जिस तरह हार्ट सर्जन ही बायपास सर्जरी कर सकता है, उसी तरह हेयर ट्रांसप्लांट भी केवल प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ही कर सकता है। चूंकि हेयर ट्रांसप्लांट के रेगुलेशन के लिए कोई कानून नहीं है, इसलिए धड़ल्ले से ऐसे सेंटर चल रहे हैँ।

टेक्नीशियन बन रहे ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट
डॉक्टर्स के मुताबिक ऐसे सेंटरों को डॉक्टर नहीं, बल्कि टेक्नीशियन चलाते हैं। जोकि किसी डॉक्टर के साथ कुछ साल तक काम करते-करते इसकी कुछ बारीकियां सीख जाते हैं। फिर वो दूसरी जगह पर खुद हेयर ट्रांसप्लांट सेंटर चलाने लगते हैं। जबकि एक क्वालिफाइड प्लास्टिक सर्जन या डर्मेटोलॉजिस्ट ही यह काम कर सकता है। उन्हें भी इसके लिए ट्रेनिंग लेनी होती है। जिस तरह मेडिसिन के डॉक्टर सर्जरी नहीं कर सकते, वैसे ही दूसरे डॉक्टर भी हेयर ट्रांसप्लांट नहीं कर सकते।
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