भोपाल। विंटर और समर की अपेक्षा रैनी सीजन में वायरस अधिक एक्टिव हो जाते हैं, जो पीने के पानी में मिलकर, खुले रखे फ्रूट्स व खाने के माध्यम से हमारे पेट तक पहुंच जाते हैं। आर्द्रता के कारण ये वायरस हवा में भी तेजी से एक्टिव रहते हैं, जो किसी न किसी माध्यम के जरिए हमारी बॉडी को प्रभावित करते हैं।