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मानसून सीजन में सबसे ज्यादा वाइरस, ऐसे रहें अवेयर

भोपाल। विंटर और समर की अपेक्षा रैनी सीजन में वायरस अधिक एक्टिव हो जाते हैं, जो पीने के पानी में मिलकर, खुले रखे फ्रूट्स व खाने के माध्यम से हमारे पेट तक पहुंच जाते हैं। आर्द्रता के कारण ये वायरस हवा में भी तेजी से एक्टिव रहते हैं, जो किसी न किसी माध्यम के जरिए […]

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sanjana kumar

Jul 03, 2017

sweet corn

girls eating sweet corn


भोपाल। विंटर और समर की अपेक्षा रैनी सीजन में वायरस अधिक एक्टिव हो जाते हैं, जो पीने के पानी में मिलकर, खुले रखे फ्रूट्स व खाने के माध्यम से हमारे पेट तक पहुंच जाते हैं। आर्द्रता के कारण ये वायरस हवा में भी तेजी से एक्टिव रहते हैं, जो किसी न किसी माध्यम के जरिए हमारी बॉडी को प्रभावित करते हैं।

ऐसे में थोड़ी सी अवेयरनेस हमें विभिन्न बीमारियों से सुरक्षित रखती है और हम बारिश के खुशनुमा मौसम का लुत्फ भी उठा सकते हैं। इस मौसम में बार-बार भीगने से भी बचें, वरना सर्दी-जुकाम, इन्फेकशन का कारण भी बन सकता है। बीएमएचआरसी के डॉ. आदर्श वाजपेयी का कहना है कि बारिश में वायरल के सबसे ज्यादा मरीज सामने आते हैं। इन तीन माह में डेंगू का लार्वा भी तेजी से पनपता है। ऐसे में घर और आसपास के एरिया को हाइजनिक रखना बहुत ही जरूरी है। बीमारियों से बचने का सबसे बेस्ट उपाय है कि रात को सोते समय मच्छरदानी का यूज करें साथ ही गीले कपड़े पहनने से बचे। गीले कपड़ों से बॉडी में इंफेक्शन होने का खतरा रहता है।

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बच्चों को दें एक्स्ट्रा केयर

डॉ. वाजपेयी का कहना है कि मौसम का मजा लेने के साथ ही खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी है, खासकर बच्चों का। बच्चे इस सीजन में जल्दी बीमार हो जाते हैं। यदि बच्चे भीग गए हैं तो उनके तुरंत कपड़े चेंज कर उन्हें साफ व सूखे कपड़े से पोछ दें।


इस सीजन में पानी गंदा आता है। इसका बेस्ट ऑप्शन है कि आरो वॉटर का यूज करें, यदि आरओ वॉटर अवलेबल नहीं है तो पानी को उबालकर पीएं।

इन रोगों से बचाव जरूरी

हैजा

यह एक तीव्र संक्रामक रोग है। यह प्रदूषित जल-भोजन से होता है। ये रोग विब्रयो कोलेरी नामक जीवाणु से फैलता है। इसका विकास दुषित वातावरण में होता है।

बचाव

खाने के सामन को ढककर रखें। घर को साफ-सुथरा रखें, जिससे मक्खी-मच्छर खाने पर न बैठे। शुद्ध पानी पीएं। बाजार के आइटम्स को एवाइड करें।


टाइफाइड

टाइफाइड लीवर में बैक्टीरियल हमले के कारण होता है। इससे शरीर के कई भागों में दर्द शुरू हो जाता है। शरीर में कमजोरी, दर्द और थकान रहने लगती है।

बचाव

सब्जियों को अच्छे से साफ पानी से वॉश करें व उन्हें छील लें। पीने का पानी साफ रखें। बासी खाने को एवाइड करें। स्वादिष्ट बफीर्ल पदार्थों से भी दूरी बना लें।
इन्फेक्शन

पानी में भीगने की वजह से इन्फेक्शन हो जाता है। इससे शरीर दाने से पड़ जाते हैं, जो कई दिनों तक रहते हैं। इन पर खुजली एवं जलन आदि दिक्कतें बढ़ जाती हैं।

बचाव

बारिश के पानी में भीगने से बचें। यदि भीग गए हैं तो तुरंत कपड़े बदलें और माइश्चराइजर का यूज करें। शरीर पर ऑयल एवं पावडर लगा लें।
सर्दी

वैसे से वायरल फीवर किसी भी मौसम में हो सकता है, लेकिन सर्दी में ये तेजी से फैलता है। इस मौसम में गरम-ठंडा खाते ही सर्दी-जुकाम हो जाता है।

बचाव

तीन दिन तक वायरल रहने पर डॉक्टर से कंसल्ट करें। चूंकि वायरल एक से दूसरे में फैलता है। इसलिए छींक आने पर मुंह पर रूमाल जरूर रखें।