कोरोना के मरीज नहीं तो हमीदिया के स्टोर में रखे पांच सौ से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन हो गए एक्सपायर

- स्टोर में दवाओं के बाकी स्टॉक की पड़ताल में जुटा प्रबंधन
- अस्पताल का तर्क 15 जून से भर्ती नहीं हुआ कोई भी नया कोरोना मरीज

भोपाल. कोरोना की दूसरी लहर में लोग बेड, ऑक्सीजन के साथ रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भी परेशान हो रहे थे। हालात यह थे कि मरीज और उनके परिजन रेमडेसिवर इंजेक्शन को कई गुना महंगे दामों पर भी खरीदने को तैयार थे। लेकिन कोरोना संक्रमण खत्म होने के बाद अब इन इजेक्शन की मांग भी खत्म हो गई। हमीदिया अस्पताल के स्टोर में रखे करीब 550 रेमडेसिविर इंजेक्शन एक्सपायर हो गए हैं। मामला सामने आने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन कोरोना काल में लिए गए बाकी के रेमडेसिविर इंजेक्शन और अन्य दवाओं के स्टॉक की जांच कर रहा है ।

15 जून को बंद हो गया था कोराना डी ब्लॉक
जानकारी के मुताबिक दूसरी लहर में मरीजों की संख्या अचानक बढऩे पर अस्पताल प्रबंधन ने कई जगह से रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगाए थे। लेकिन मई माह में कोरोना के मरीजों की संख्या कम होने लगी थी। वहीं जून में मरीजों की संख्या अचानक कम हो गई थी। स्थिति यह थी कि 15 जून के बाद हमीदिया अस्पताल में एक भी कोरोना मरीज एडमिट नहीं हुआ। ऐसे में मांग कम होने के बाद इंजेक्शन स्टोर में ही रखे रहे और एक्सपायर हो गए। अब प्रबंधन एक्सपायर हुए इंजेक्शनों की वास्तविक संख्या पता करने में जुटा हुआ है।

इंजेक्शन चोरी के बाद मचा था हड़कंप
मालूम हो कि दूसरी लहर के दौरान अस्पताल के स्टोर से 800 से ज्यादा रेमडेसिविर इंजेक्शन चेारी हो गए थे। हालांकि इनमें से आधे इंजेक्शन मिल गए थे, लेकिन बाकी के इंजेक्शन का अभी तक पता नहीं चला।

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करीब पांच सौ इंजेक्शन एक्सपायर होने की जानकारी मिली है। स्टॉक का वेरिफि केशन कराया जा रहा है कि ये किस बैच के इंजेक्शन थे। हालांकि 15 जून के बाद एक भी कोरोना का मरीज न होने के कारण रेमडेसिविर का उपयोग नहीं हुआ।
डॉ. लोकेन्द्र दवे, अधीक्षक हमीदिया अस्पताल

सुनील मिश्रा
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