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भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दिल के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इन मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या युवाओं और बच्चों की है। स्थिति इतनी भयावह है कि अब दिल की गंभीर बीमारियां शहरी ही नहीं बल्कि ग्रामीण परिवेश में भी तेजी से पैर पसार रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम)की प्रदेश इकाई द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके)अंतर्गत किए जा रहे सर्वेक्षण में इन तथ्यों का खुलासा हुआ। इस खुलासे पर एक्पट्र्स का कहना है कि बदलती जीवन शैली का असर केवल शहरी जन जीवन पर नहीं बल्कि अब ग्रामीण जीवन शैली पर भी पड़ा है। दिल की बीमारियां इसी का गंभीर परिणाम हैं।
बच्चों पर हावी है दिल
पिछले पांच माह के दौरान ही प्रदेश में साढ़े तीन हजार से अधिक बच्चों में दिल की बीमारियां गंभीर अवस्था में थीं। उनका तुरंत ऑपरेशन किया गया। मिशन की ओर से वित्तीय वर्ष की शुरुआती पांच माह में ही ग्रामीण इलाकों के करीब साढ़े चार लाख बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से सवा लाख से अधिक बच्चे विभिन्न रोगों से पीडि़त थे या फिर अपंगता का शिकार पाए गए। वहीं 3508 बच्चों के दिल की बीमारिया गंभीर अवस्था तक पहुंच चुकी थीं। दिल की बीमारियों से पीडि़त इन बच्चों में 60 फीसदी बच्चे छह साल से कम उम्र के हैं। इतनी बड़ी संख्या में में दिल के बीमार मासूमों के पेरेंट्स ऑपरेशन करवाने को तैयार ही नहीं हुए। इसलिए 11 सौ से अधिक बच्चों के को ही उनके पेरेंट्स की अनुमति के बाद ऑपरेशन कर दिया गया। अब वे स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
युवाओं और बुजुर्गों में ये है स्थिति
* ग्रामीण इलाकों में बच्चे ही नहीं बड़े भी दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। हालांकि अभी इस दिशा में सर्वेक्षण नहीं किया गया है।
* राजधानी के सबसे बड़े चिकित्सालय हमीदिया में उपचार के लिए आने वाले हृदयरोगियों में ग्रामीणों की भी एक बड़ी संख्या होती है।
शारीरिक श्रम की कमी ने किया बीमार
इस सर्वे रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शहरी जन जीवन की तरह ही गांवों में भी वाहनों और मशीनों का प्रयोग किया जाने लगा है। नतीजन शारीरिक श्रम में तेजी से कमी आ रही है। इसका दुष्परिणााम सीधे दिल पर पड़ रहा है।
यही नहीं दिल की बीमारियों के साथ ग्रामीणों में हाईपरटेंशन, बीपी, डायबिटिक पेशेंट्स की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
Published on:
29 Sept 2017 04:58 pm
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