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भारी बारिश से टूटा 12 साल का रिकार्ड, 6 साल बाद उफान पर नर्मदा, सितंबर में भारी बारिश से वैज्ञानिक भी हैरान

मध्यप्रदेश के 32 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

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भोपाल

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Pawan Tiwari

Sep 11, 2019

Heavy Rain

भोपाल. मध्यप्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। मौसम विभाग के अनुसार हालात और बिगड़ सकते हैं। अगले दो दिनों तक प्रदेश में जोरदार बारिश होगी। प्रदेश के 32 जिलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। वहीं, राजधानी भोपाल में भारी बारिश के कारण निचली कॉलोनियों में बाढ़ आ गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश के सभी प्रमुख डैम के गेट भी खोल दिए गए हैं। नर्मदा समते कई नादियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं।


नदियां उफान पर
नर्मदा, तवा, बेतवा सहित प्रदेश की सभी प्रमुख नादियां उफान पर हैं। होशंगाबाद में नर्मदा नदी छह साल बाद खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नर्मदा नदी 964 फीट के खतरे के निशान को पार कर गई है। नर्मदा का जलस्तर 966 फीट हो गया है। वहीं, बड़वानी में मंगलवार को नर्मदा अब तक के अपने सबसे रिकार्ड जलस्तर में पहुंच गई हैं। यहां नर्मदा का जलस्तर 136.800 मीटर के करीब पहुंच गया है। 1970 में बडवानी में नर्मदा का जलस्तर 136.680 मीटर तक पहुंचा था।

इसलिए बढ़ा नर्मदा का जलस्तर
बरगी और तवा बांध से लागातार पानी छोड़े जाने के कारण नर्मदा का जलस्तर बढ़ रहा है। इंदिरा सागर बांध के 12 गेटों 20,800 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। ओंकारेश्वर बांध के 18 गेटों से 23 हजार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है जिस कारण से नर्मदा में बाढ़ आ गई है।

कहां कितनी बारिश
पचमढ़ी में 44, होशंगावाद में 40. भोपाल में 33.1, इंदौर में 31.4, शाजापुर में 30, रायसेन में 30 मिमी बरसात मंगलवार सुबह 6 बजे से शाम 5.30 बजे तक हुई है।

भोपाल में टूटा 12 सालों का रिकार्ड
भोपाल में लागातार भारी बारिश का दौर जारी है। प्रदेश में भारी बारिश का 12 साल का रिकार्ड टूट गया है। मंगलवार को डेढ़ घंटे में 33 मिलीमीटर पानी बरसा है। वहीं, सितंबर तक प्रदेश में 15515 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 555.6 मिमी अधिक है। अभी तक हुई बारिश ने वर्ष 2016 के 14315 मिमी बारिश के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है। इस तरह इस साल 12 साल का रिकार्ड टूट गया है। मेगलवार दोपहर बाद डेढ़ घंटे में 33 मिमी पानी बरसा है।

मौसम वैज्ञानिक भी हैरान
मौसम वैज्ञानिक एसके नायक ने कहा- मैने चार दशक में कभी नहीं देखा कि शियर जोम मध्यप्रदेश के ऊपर से गुजर रहा हो। दक्षिण भारत में रहने वाला शियर जोन का 1.5 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर होना इसे बेहद प्रभावी बना रहा है। इसी कारण से मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक अजय शुक्ला का कहना है कि सितंबर में ऐसी बारिश पहली बार देखी है।

थाने में घुसा पानी
बारिश से राजधानी के कई इलाकों में पानी भर आया है। होशंगाबाद रोड पर स्थित मिसरोद थाने में भी पानी घुस गया है। पुलिसवाले थाने से पानी निकालने की कोशिश में लगे हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मी वैसे ही थाने में बैठ काम कर रहे हैं। पूरा थाना जलमग्न हैं। थाना परिसर तो छोड़िए सभी कमरों में भी पानी घुस गए हैं। अगर बारिश नहीं रुकी तो कई इलाकों की स्थिति ऐसी ही हो सकती है। शहर के निचली इलाकों में पानी जमा हो गया है। अब भोपाल से सटे हुजूर तहसील के ग्राम झगरिया में स्थिति खराब हो गई है। गांव में पानी घुस गया है। सभी घर डूब गए हैं। राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीम वहां पहुंच गई है।